अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آيَاتِهِ: अल्लाह की निशानियाँ और प्रमाण, जो उसकी कुदरत (शक्ति) और वहदानियत (एकता) पर दालालत करती हैं।
- تُنكِرُونَ: इनकार करते हो, नहीं मानते हो।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने बंदों पर बेपनाह रहमत और करम फ़रमाता है। वह तुम्हें अपनी आयतें (निशानियाँ) दिखाता है — यानी अपनी कुदरत के वो नमूने जो हर तरफ़ बिखरे हुए हैं। आसमान और ज़मीन की पैदाइश, रात और दिन का बदलना, बारिश का बरसना और ज़मीन का हरा-भरा होना, इंसान की पैदाइश और उसके अंदर के अजीबो-ग़रीब सिस्टम — ये सब अल्लाह की आयतें हैं। ये निशानियाँ इतनी साफ़ और रौशन हैं कि इन्हें देखकर कोई समझदार इंसान इनका इनकार नहीं कर सकता।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तो आख़िर अल्लाह की किन आयतों को तुम इनकार करोगे?" यानी जब ये सारी निशानियाँ तुम्हारे सामने मौजूद हैं और हर पल तुम्हें अल्लाह की ताक़त और हिकमत की गवाही दे रही हैं, तो फिर कौन सी आयत ऐसी है जिसे तुम नहीं मानते? क्या सूरज की रौशनी को झुठलाया जा सकता है? क्या साँस लेने की नेमत का इनकार मुमकिन है? ये सब इतने ज़ाहिर हैं कि इन्हें झुठलाना खुद अपनी आँखों को अंधा कहने के बराबर है।
यह आयत हमें ग़ौर और फ़िक्र की दावत देती है। अल्लाह ने जो निशानियाँ हमारे चारों तरफ़ फैला रखी हैं, उन पर थोड़ा सा टकटकी लगाकर देखें तो हमारा ईमान मज़बूत हो जाए। हर पत्ते का हिलना, हर दिल की धड़कन, हर साँस का अंदर-बाहर होना — ये सब अल्लाह की मुहब्बत और क़ुदरत की निशानियाँ हैं। जो इंसान इन निशानियों को पढ़ ले, उसके दिल में अल्लाह की अज़मत का डर और उसकी रहमत की उम्मीद पैदा हो जाती है।
तो ऐ बंदे! इन आयतों को पहचान, अल्लाह का शुक्र अदा कर, और अपनी ज़िंदगी को उसी की बताई हुई राह पर चला। क्योंकि जिसने अल्लाह की निशानियों को पहचान लिया, उसने अपनी कामयाबी का रास्ता पा लिया। और जो इनसे आँखें बंद कर ले, वो सिर्फ़ अपना नुक़सान करता है। अल्लाह तो अपनी आयतें दिखाता ही रहता है — हर सुबह और हर शाम, हर मौसम और हर मंज़र में — ताकि हम उसे पहचानें और उसकी इबादत करें।
📜 आयत 79-83 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 81
सूरा ग़ाफिर आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह तुमको अपनी (कुदरत की) निशानियाँ दिखाता है तो…सूरा आयत 81/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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