अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَتَقَبَّلُ – हम स्वीकार करते हैं, कबूल करते हैं।
- أَحْسَنَ مَا عَمِلُوا – उनके सबसे अच्छे कर्म, यानी उनके नेक और पुण्यमय कार्य।
- نَتَجَاوَزُ – हम दरगुज़र करते हैं, माफ कर देते हैं।
- سَيِّئَاتِهِمْ – उनकी बुराइयाँ और गुनाह।
- فِي أَصْحَابِ الْجَنَّةِ – जन्नत वालों के साथ, यानी उन्हीं के जत्थे में शामिल करके।
- وَعْدَ الصِّدْقِ – सच्चा और पक्का वादा, जिसमें कोई झूठ या खिलाफ़ नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन खुशनसीब लोगों का ज़िक्र कर रही है जिन्होंने अपने माँ-बाप के साथ भलाई की, उनकी इज़्ज़त की, और अपने ईमान व अच्छे आचरण से अल्लाह की रज़ा हासिल की। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यही वे लोग हैं जिनके सबसे अच्छे कर्मों को हम कबूल करते हैं — यानी उनकी नेकियों को हम अपनी रहमत से स्वीकार कर लेते हैं, चाहे वे कितनी ही छोटी क्यों न हों। और उनकी बुराइयों से हम दरगुज़र करते हैं, यानी उनके गुनाहों को माफ कर देते हैं, उन्हें पकड़ते नहीं, और उन पर उन्हें सज़ा नहीं देते।
और यह सब कुछ उन्हें "जन्नत वालों के साथ" मिलेगा — यानी वे जन्नत के उन्हीं लोगों के जत्थे में शामिल होंगे, उन्हीं के साथ रहेंगे, और उन्हीं की तरह इज़्ज़त और आराम पाएँगे। यह कोई अलग चीज़ नहीं, बल्कि यह वही सच्चा वादा है जो अल्लाह ने उन्हें दुनिया में दिया था — कि जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म करते रहे, उनके लिए जन्नत है। अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता, और यह वादा पूरा होकर रहेगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हर उस इंसान के लिए खुशखबरी है जो यह सोचता है कि मेरे गुनाह बहुत ज़्यादा हैं, मैं क्या करूँगा? अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि अगर तुम नेक काम करते हो, तो अल्लाह उन्हें कबूल करता है — और तुम्हारी बुराइयों को माफ कर देता है। यह अल्लाह की रहमत का समंदर है! वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी तरफ़ रुजू करें, निराश न हों। जो लोग अपने माँ-बाप के साथ भलाई करते हैं, अल्लाह की इबादत में जुड़े रहते हैं, और अपनी ज़िंदगी को सुधारते हैं — उनके लिए अल्लाह ने जन्नत का पक्का वादा किया है। यह वादा सच्चा है, इसमें कोई शक नहीं। तो आइए, हम भी अपने कर्मों को सुधारें, अल्लाह से तौबा करें, और उसकी रहमत के इस दरवाज़े का फ़ायदा उठाएँ — क्योंकि अल्लाह का दरवाज़ा हमेशा खुला है, और उसकी माफ़ी हर गुनाह से बड़ी है।
📜 आयत 14-18 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 16
सूरा अल-अहकाफ आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही वह लोग हैं जिनके नेक अमल हम क़ुबूल फरमाएँगे…सूरा आयत 16/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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