अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آنِفًا: अभी-अभी, इसी समय
- طَبَعَ اللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ: अल्लाह ने उनके दिलों पर मुहर लगा दी (यानी सत्य को समझने की क्षमता ही समाप्त कर दी)
- أَهْوَاءَهُمْ: अपनी इच्छाओं और मनमानी की پیروی
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला मुनाफ़िक़ीन (दिखावटी मुसलमानों) की एक और बुरी आदत का ज़िक्र कर रहे हैं। ये वो लोग हैं जो आप (ﷺ) की महफ़िल में आते हैं और आपकी बातें सुनते भी हैं, लेकिन उनके दिलों में न तो सच्चाई को क़बूल करने की नीयत होती है और न ही समझने की ख्वाहिश। वे सिर्फ़ दिखावे के लिए आते हैं, उपहास और मज़ाक़ के इरादे से।
जब वे आपकी महफ़िल से निकलते हैं, तो उन लोगों से जिन्हें अल्लाह ने इल्म (ज्ञान) दिया होता है — यानी सहाबा-ए-किराम (रज़ियल्लाहु अन्हुम) से — पूछते हैं: "अभी-अभी मुहम्मद (ﷺ) ने क्या कहा था?" यह सवाल वे इसलिए करते हैं क्योंकि उन्होंने कुछ सुना ही नहीं, या सुनकर भी उसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका यह पूछना वास्तव में उपहास और मज़ाक़ की ग़र्ज़ से होता है, न कि जानने और समझने की चाहत से।
अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि ये वही लोग हैं जिनके दिलों पर अल्लाह ने मुहर लगा दी है — यानी उनके दिल सत्य को ग्रहण करने की क्षमता से वंचित हो गए हैं — और उन्होंने अपनी इच्छाओं और मनमानी की پیروی की है। जब इंसान अपनी इच्छाओं को अपना रब बना लेता है, तो अल्लाह की हिदायत उसके दिल तक नहीं पहुँचती।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक़ देती है: जब हम क़ुरआन और सुन्नत की बातें सुनें, तो उन्हें सिर्फ़ कानों से नहीं, बल्कि दिल से सुनें। अल्लाह की बातें उन्हीं दिलों में असर करती हैं जो खाली और सच्चाई की तलाश में होते हैं। जो लोग उपहास और घमंड के साथ सुनते हैं, वे सबसे बड़े नुक़सान में रहते हैं — उनके दिल बंद हो जाते हैं और वे सीधे रास्ते से भटक जाते हैं।
आओ, हम अपने दिलों को अल्लाह के कलाम के लिए खोलें, उसे समझने की कोशिश करें और उस पर अमल करें। याद रखें, क़ुरआन सुनने का मक़सद सिर्फ़ सुनना नहीं, बल्कि समझना, मानना और उसके अनुसार जीवन बदलना है। अल्लाह उन्हीं को हिदायत देता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करते हैं।
📜 आयत 14-18 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 16
सूरा मुहम्मद आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) उनमें से बाज़ ऐसे भी हैं जो…सूरा आयत 16/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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