Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اهْتَدَوْا: हिदायत पाने वाले, सत्य मार्ग अपनाने वाले।
- زَادَهُمْ هُدًى: अल्लाह ने उनकी हिदायत में और अधिक वृद्धि की।
- آتَاهُمْ تَقْوَاهُمْ: उन्हें तक़्वा (परहेज़गारी) प्रदान की, यानी उनके दिलों में अल्लाह का डर और नेक अमल की तौफ़ीक़ दी।
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उन खुशनसीब लोगों का ज़िक्र करती है जिन्होंने सत्य को पहचाना और उसे अपनाया। जब कोई इंसान हिदायत के रास्ते पर चलता है, तो अल्लाह उसे और अधिक हिदायत देता है। यह अल्लाह का बड़ा फज़ल है कि वह अपने बंदे के अच्छे इरादे को देखकर उसके दिल में रोशनी बढ़ा देता है, उसकी समझ को खोल देता है और उसे सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देता है।
जो लोग क़ुरआन और रसूलुल्लाह ﷺ की शिक्षाओं पर अमल करते हैं, अल्लाह उन्हें तक़्वा अता करता है — यानी उन्हें वह शक्ति और इरादा देता है जिससे वे गुनाहों से बचें, अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उस चीज़ से दूर रहें जो उसे नापसंद है। तक़्वा ही वह चीज़ है जो इंसान को जहन्नम की आग से बचाती है और जन्नत के रास्ते पर ले जाती है।
इस आयत में एक बहुत बड़ी खुशखबरी है: अल्लाह हिदायत पाने वालों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह उनके कदमों को मज़बूत करता है, उनके दिलों को सुकून देता है और उन्हें अमल करने की तौफ़ीक़ देता है। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है — जो उसकी तरफ बढ़ता है, अल्लाह उसकी तरफ और तेज़ी से दौड़ता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि हिदायत का रास्ता कोई मुश्किल रास्ता नहीं है, बल्कि यह रहमत और नूर का रास्ता है। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, अच्छे काम करते हैं, तो अल्लाह हमारे दिल में और रोशनी डालता है। हर नेक काम के बाद हमें एक नई ताकत मिलती है। यही वह चीज़ है जो हमें दुनिया में सुकून देती है और आख़िरत में कामयाबी दिलाती है।
आइए हम इस आयत से सबक लें कि हम अपनी हिदायत को बढ़ाने की कोशिश करें — इल्म हासिल करें, अमल करें और दूसरों को भी इस रास्ते पर बुलाएँ। अल्लाह वादा करता है कि जो उसके रास्ते पर चलेगा, वह उसे कभी निराश नहीं करेगा। यही असली कामयाबी है — दुनिया में हिदायत और आख़िरत में जन्नत।
📜 आयत 15-19 — सूरा मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 17
सूरा मुहम्मद आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग हिदायत याफ़ता हैं उनको ख़ुदा (क़ुरान के…सूरा आयत 17/38 — सूरा मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मुहम्मद सुनें, सूरा मुहम्मद अनुवाद, सूरा मुहम्मद mp3, सूरा मुहम्मद pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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