अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَا أَيُّهَا الْمُزَّمِّلُ: ऐ ओढ़ने वाले! अर्थात अपने कपड़ों में लिपटने वाले। यह सम्बोधन हमारे प्यारे नबी ﷺ को किया गया है, जब आप ﷺ अपने कपड़ों में लिपटे हुए थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने महबूब रसूल ﷺ को प्यार भरे अंदाज़ में सम्बोधित करते हुए कहते हैं: "ऐ कपड़ों में लिपटने वाले!" यह सम्बोधन उस समय हुआ जब नबी करीम ﷺ नूबुव्वत के पहले वह्य (प्रकाशना) के अनुभव से प्रभावित होकर अपने कपड़ों में लिपटे हुए थे। अल्लाह तआला ने इस प्यारे लहजे से आपको सम्बोधित किया और फिर अगली आयतों में रात की नमाज़ (तहज्जुद) का आदेश दिया।
यह सम्बोधन दर्शाता है कि अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ से कितना प्रेम करता है। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के प्यारे बंदे बनने के लिए हमें भी अपने नबी ﷺ की तरह इबादत के लिए रात को उठना चाहिए। जब अल्लाह तआला ने अपने सबसे प्यारे नबी को "ऐ ओढ़ने वाले!" कहकर पुकारा, तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी शान और सम्मान की बात है कि हम उस नबी की उम्मत (समुदाय) से हैं।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब हमें कोई कठिनाई या चिंता हो, तो हमें अल्लाह की ओर रुख करना चाहिए और उसकी इबादत में समय बिताना चाहिए। नबी ﷺ जब किसी मुश्किल में होते थे, तो नमाज़ की तरफ रुख करते थे। यह आयत हमें रात की नमाज़ (तहज्जुद) की तरफ प्रोत्साहित करती है, जो एक बहुत बड़ी नेमत (वरदान) है। जो व्यक्ति रात में उठकर अल्लाह से मुनाजात करता है, अल्लाह उससे बहुत प्यार करता है और उसकी दुआएं कबूल करता है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर अमल करें और रात की नमाज़ की आदत डालें। यह हमारे ईमान की मज़बूती का ज़रिया है और अल्लाह की रहमत हासिल करने का बेहतरीन तरीका है।
📜 आयत 1-3 — अल-मुज्जम्मिल
अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 1
सूरा अल-मुज्जम्मिल आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ (मेरे) चादर लपेटे रसूलसूरा आयत 1/20 — अल-मुज्जम्मिल المزمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुज्जम्मिल सुनें, अल-मुज्जम्मिल अनुवाद, अल-मुज्जम्मिल mp3, अल-मुज्जम्मिल pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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