अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُمِ اللَّيْلَ: रात को (नमाज़ के लिए) खड़े होना।
- إِلَّا قَلِيلًا: थोड़े समय को छोड़कर।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप रात को उठकर नमाज़ के लिए खड़े हों, लेकिन पूरी रात नहीं, बल्कि थोड़े समय को छोड़कर। यानी रात के एक हिस्से में आराम करें और बाकी हिस्से में इबादत करें। यह हुक्म शुरू में फ़र्ज़ था, जिसमें रात का अधिकांश हिस्सा नमाज़, क़ुरआन की तिलावत और ज़िक्र में गुज़ारना होता था। बाद में अल्लाह ने अपनी रहमत से इसे आसान कर दिया और नमाज़ों की तादाद और समय में नरमी बरती।
इस आयत में रात की नमाज़ (तहज्जुद) की अहमियत बयान की गई है। रात का वक्त इबादत के लिए बेहद खास होता है, जब दुनिया के शोर-शराबे से दिल और दिमाग शांत होते हैं और बंदा अपने रब के सामने खड़े होकर अपनी ज़रूरतें और दुआएं पेश करता है। यह वक्त दिल की सफाई, इख़लास और अल्लाह से क़ुर्बत हासिल करने का बेहतरीन ज़रिया है।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि रात की इबादत हमारी ज़िंदगी में बरकत और रोशनी लाती है। अगर हम रात के कुछ हिस्से को अल्लाह के लिए खास कर दें, तो हमारा दिल सुकून पाता है, हमारे गुनाह माफ होते हैं और हमारी दुआएं कबूल होती हैं। यह वक्त दुनिया की मशगूलियों से अलग होकर सिर्फ अल्लाह से जुड़ने का होता है, इसलिए इसे ग़नीमत समझना चाहिए।
📜 आयत 1-4 — अल-मुज्जम्मिल
अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 2
सूरा अल-मुज्जम्मिल आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : रात को (नमाज़ के वास्ते) खड़े रहो मगर (पूरी रात…सूरा आयत 2/20 — अल-मुज्जम्मिल المزمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुज्जम्मिल सुनें, अल-मुज्जम्मिल अनुवाद, अल-मुज्जम्मिल mp3, अल-मुज्जम्मिल pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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