अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نُسِفَتْ: उखाड़ दी जाएँगी, जड़ से उखाड़कर रेत की तरह बिखेर दी जाएँगी।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़यामत का दिन आएगा, तो ये विशाल और मज़बूत पहाड़, जो अपनी जगहों पर अटल खड़े दिखाई देते हैं, उखाड़ दिए जाएँगे और फिर उन्हें पीसकर बारीक रेत और धूल में बदल दिया जाएगा, जिसे हवाएँ उड़ाती फिरेंगी। यह उस दिन की महान घटनाओं में से एक होगी, जब यह दुनिया की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी और सारा नज़ारा ही बदल जाएगा। यह अल्लाह की क़ुदरत का प्रमाण है कि जिसने इन पहाड़ों को पैदा किया, वही उन्हें मिट्टी में मिलाने पर भी पूर्ण रूप से सक्षम है।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा के लिए नहीं है। आज ये पहाड़ अपनी बुलंदी पर हैं, लेकिन कल वे भी धूल बन जाएँगे। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह इन अस्थायी चीज़ों पर घमंड न करे, बल्कि उस दिन की तैयारी करे जब सब कुछ नष्ट हो जाएगा और सिर्फ़ अल्लाह का चेहरा बाक़ी रहेगा। यह दिन उन लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है जो आख़िरत को भूलकर सिर्फ़ दुनिया की ख़्वाहिशों में डूबे हुए हैं। अल्लाह तआला हम सबको इस दिन की तैयारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 8-12 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 10
सूरा अल-मुरसलात आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब पहाड़ (रूई की तरह) उड़े उड़े फिरेंगेसूरा आयत 10/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








