अल-मुरसलात · 11/50
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुरसलात
وَإِذَا الرُّسُلُ أُقِّتَتْ ۝١١
Wa izar Rusulu uqqitat
📖 हिंदी अर्थ
और जब पैग़म्बर लोग एक मुअय्यन वक्त पर जमा किए जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أُقِّتَتْ: अर्थात उनके लिए एक निश्चित समय निर्धारित कर दिया गया, या उन्हें एक निर्धारित मियाद पर इकट्ठा किया गया।

तफ़सीर:

जब तारे मिटा दिए जाएँगे और उनकी रोशनी जाती रहेगी, जब आसमान फट जाएगा, जब पहाड़ उखड़कर बिखर जाएँगे और धूल बनकर हवा में उड़ने लगेंगे, और जब रसूलों (अल्लाह के पैग़म्बरों) के लिए एक निश्चित समय निर्धारित कर दिया जाएगा—यानी क़ियामत का दिन जब वे सब इकट्ठा किए जाएँगे ताकि उनसे उनकी उम्मतों के बारे में गवाही ली जाए। यह वह महान दिन होगा जब अल्लाह अपने नबियों को जमा करेगा और उनके और उनकी क़ौमों के बीच न्याय करेगा।

यह वह समय है जब हर नबी अपनी उम्मत के सामने गवाही देगा—किसने उन्हें माना और किसने झुठलाया। यह दिन इतना भयानक और हौलनाक होगा कि इसकी हैसियत और अज़ाब का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "और तुम्हें क्या मालूम कि फ़ैसले का दिन क्या है?" यानी इंसान भला इस दिन की सख़्ती और दहशत का क्या अंदाज़ा लगा सकता है! उस दिन उन लोगों के लिए बड़ी तबाही और विनाश है जिन्होंने इस दिन को झुठलाया।

दावती पहलू:

यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया का जीवन आख़िरी नहीं है। जिस तरह रसूलों को उनके समय पर इकट्ठा किया जाएगा, उसी तरह हम सबको भी अपने अमल का हिसाब देने के लिए उठाया जाएगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने जीवन को सही दिशा दें, अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई मदद नहीं कर सकेगा। रसूलों का इकट्ठा होना उस दिन की सच्चाई की सबसे बड़ी गवाही है—कि यह दिन ज़रूर आने वाला है। जो लोग इस दिन को मानेंगे और उसके अनुसार अपनी ज़िंदगी सुधारेंगे, उनके लिए ख़ुशख़बरी है, और जो झुठलाएँगे, उनके लिए अफ़सोस और तबाही है।



📜 आयत 9-13 — सूरा अल-मुरसलात

9وَإِذَا السَّمَاءُ فُرِجَتْ
और जब आसमान फट जाएगा
10وَإِذَا الْجِبَالُ نُسِفَتْ
और जब पहाड़ (रूई की तरह) उड़े उड़े फिरेंगे
11وَإِذَا الرُّسُلُ أُقِّتَتْ
और जब पैग़म्बर लोग एक मुअय्यन वक्त पर जमा किए जाएँगे
12لِأَيِّ يَوْمٍ أُجِّلَتْ
(फिर) भला इन (बातों) में किस दिन के लिए ताख़ीर की गयी है
13لِيَوْمِ الْفَصْلِ
फ़ैसले के दिन के लिए
अल-मुरसलातकुरान सूची
50आयत
मक्कीअवतरण स्थान
11आयत

अनुवाद — अल-मुरसलात 11

सूरा अल-मुरसलात आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब पैग़म्बर लोग एक मुअय्यन वक्त पर जमा किए…

सूरा आयत 11/50 — सूरा अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुरसलात सुनें, सूरा अल-मुरसलात अनुवाद, सूरा अल-मुरसलात mp3, सूरा अल-मुरसलात pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए