अत-तारिक़ · 9/17
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तारिक़
يَوْمَ تُبْلَى السَّرَائِرُ ۝٩
Yawma tublas saraaa`ir
📖 हिंदी अर्थ
जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تُبْلَى: परखी जाएँगी, जाँची जाएँगी, खोल दी जाएँगी।
  • السَّرَائِرُ: छिपी हुई बातें, दिलों के भेद, निय्यतें, विश्वास और वे सब बातें जो इंसान अपने दिल में छिपाए रहता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह क़यामत के उस दिन का वर्णन है जब अल्लाह तआला हर इंसान के दिल के छिपे हुए राज़ को खोलकर रख देगा। जो निय्यतें, इरादे, विश्वास और भेद इंसान ने अपने सीने में छिपा रखे थे—चाहे वे अच्छे हों या बुरे—उस दिन सब कुछ ज़ाहिर कर दिया जाएगा। न कोई बात छिपी रहेगी, न कोई राज़ पोशीदा। हर दिल की गहराई में जो कुछ था, वह सब सामने आ जाएगा और साफ़ हो जाएगा कि कौन सा अमल ख़ालिस निय्यत से किया गया था और कौन सा रियाकारी और दिखावे के लिए।

उस दिन इंसान के पास न कोई ताक़त होगी जिससे वह अपने आप को बचा सके, और न कोई मददगार होगा जो उसे अल्लाह के अज़ाब से बचा सके। हर इंसान अकेला होगा, उसके सामने उसके सारे कर्म और उनकी निय्यतें रख दी जाएँगी, और उसका हिसाब उसी के अनुसार होगा।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला हर चीज़ से वाक़िफ़ है—चाहे वह दिल की गहराइयों में छिपी हो। इसलिए हमें अपने दिलों को साफ़ रखना चाहिए, अपनी निय्यतों को ख़ालिस करना चाहिए और हर अमल को सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा के लिए करना चाहिए। जब हमें यक़ीन होगा कि हमारे दिल का हाल अल्लाह को मालूम है, तो हम कभी धोखा नहीं देंगे, न दूसरों को और न ख़ुद को। यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर छिपी बात ज़ाहिर होगी—तो आइए, हम अपने दिलों को ईमान, इख़लास और अच्छे इरादों से भरें, ताकि उस दिन हमारी सराइर (छिपी बातें) हमारे लिए रोशनी बनें, न कि शर्मिंदगी का सबब। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है और वह चाहता है कि हम उसकी राह पर चलकर कामयाब हों।



📜 आयत 7-11 — सूरा अत-तारिक़

7يَخْرُجُ مِن بَيْنِ الصُّلْبِ وَالتَّرَائِبِ
जो पीठ और सीने की हड्डियों के बीच में से निकलता है
8إِنَّهُ عَلَىٰ رَجْعِهِ لَقَادِرٌ
बेशक ख़ुदा उसके दोबारा (पैदा) करने पर ज़रूर कुदरत रखता है
9يَوْمَ تُبْلَى السَّرَائِرُ
जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे
10فَمَا لَهُ مِن قُوَّةٍ وَلَا نَاصِرٍ
तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा
11وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الرَّجْعِ
चक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम
अत-तारिक़कुरान सूची
17आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 9

सूरा अत-तारिक़ आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे

सूरा आयत 9/17 — सूरा अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तारिक़ सुनें, सूरा अत-तारिक़ अनुवाद, सूरा अत-तारिक़ mp3, सूरा अत-तारिक़ pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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