अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُبْلَى: परखी जाएँगी, जाँची जाएँगी, खोल दी जाएँगी।
- السَّرَائِرُ: छिपी हुई बातें, दिलों के भेद, निय्यतें, विश्वास और वे सब बातें जो इंसान अपने दिल में छिपाए रहता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह क़यामत के उस दिन का वर्णन है जब अल्लाह तआला हर इंसान के दिल के छिपे हुए राज़ को खोलकर रख देगा। जो निय्यतें, इरादे, विश्वास और भेद इंसान ने अपने सीने में छिपा रखे थे—चाहे वे अच्छे हों या बुरे—उस दिन सब कुछ ज़ाहिर कर दिया जाएगा। न कोई बात छिपी रहेगी, न कोई राज़ पोशीदा। हर दिल की गहराई में जो कुछ था, वह सब सामने आ जाएगा और साफ़ हो जाएगा कि कौन सा अमल ख़ालिस निय्यत से किया गया था और कौन सा रियाकारी और दिखावे के लिए।
उस दिन इंसान के पास न कोई ताक़त होगी जिससे वह अपने आप को बचा सके, और न कोई मददगार होगा जो उसे अल्लाह के अज़ाब से बचा सके। हर इंसान अकेला होगा, उसके सामने उसके सारे कर्म और उनकी निय्यतें रख दी जाएँगी, और उसका हिसाब उसी के अनुसार होगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला हर चीज़ से वाक़िफ़ है—चाहे वह दिल की गहराइयों में छिपी हो। इसलिए हमें अपने दिलों को साफ़ रखना चाहिए, अपनी निय्यतों को ख़ालिस करना चाहिए और हर अमल को सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा के लिए करना चाहिए। जब हमें यक़ीन होगा कि हमारे दिल का हाल अल्लाह को मालूम है, तो हम कभी धोखा नहीं देंगे, न दूसरों को और न ख़ुद को। यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर छिपी बात ज़ाहिर होगी—तो आइए, हम अपने दिलों को ईमान, इख़लास और अच्छे इरादों से भरें, ताकि उस दिन हमारी सराइर (छिपी बातें) हमारे लिए रोशनी बनें, न कि शर्मिंदगी का सबब। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है और वह चाहता है कि हम उसकी राह पर चलकर कामयाब हों।
📜 आयत 7-11 — अत-तारिक़
अनुवाद — अत-तारिक़ 9
सूरा अत-तारिक़ आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगेसूरा आयत 9/17 — अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तारिक़ सुनें, अत-तारिक़ अनुवाद, अत-तारिक़ mp3, अत-तारिक़ pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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