अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِنَّهُ — निस्संदेह वह (अल्लाह)
- عَلَى رَجْعِهِ — उसे (मनुष्य को) लौटाने पर, अर्थात पुनर्जीवित करने पर
- لَقَادِرٌ — अवश्य ही पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला है
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के लिए एक स्पष्ट उत्तर है जो पुनर्जीवन (आख़िरत में दोबारा जी उठने) को असंभव मानते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिसने मनुष्य को पहली बार पैदा किया, वह निश्चित रूप से उसे दोबारा जीवित करने पर भी पूर्ण सामर्थ्य रखता है।
जब मनुष्य अपनी उत्पत्ति पर ग़ौर करे—कि वह एक तुच्छ बूंद (वीर्य) से पैदा हुआ, जो पुरुष की पीठ और स्त्री की छाती के बीच से निकलती है—तो उसे समझ लेना चाहिए कि जिस शक्ति ने उसे पहली बार शून्य से अस्तित्व दिया, वही शक्ति उसे मृत्यु के बाद दोबारा जीवित करने पर भी पूर्ण रूप से क़ादिर है।
यह पुनर्जीवन केवल एक बार नहीं होगा, बल्कि उसका उद्देश्य हिसाब और जज़ा (प्रतिफल) है—ताकि हर व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों का पूरा बदला मिल सके। यह अल्लाह की रहमत और अद्ल (न्याय) दोनों का प्रकटीकरण है।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे दिलों में यक़ीन (विश्वास) की जड़ें मज़बूत करती है। जो अल्लाह एक बार पैदा कर सकता है, वह दोबारा पैदा करने से क्यों असमर्थ होगा? क्या हमने अपने जीवन में यह नहीं देखा कि सूखी धरती बारिश के बाद हरी-भरी हो जाती है? यही अल्लाह की क़ुदरत है।
जब हमें यह विश्वास हो जाएगा कि हमें दोबारा जीवित होकर अपने अमल का हिसाब देना है, तो हमारा जीवन एक उद्देश्यपूर्ण दिशा की ओर मुड़ जाएगा। हम अच्छे कर्म करने में जल्दी करेंगे, बुराई से बचेंगे, और अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखते हुए उसके अज़ाब से डरेंगे। यही वह यक़ीन है जो एक मुसलमान को जीवन के हर क्षेत्र में सच्चाई, ईमानदारी और नेकी पर चलने की ताक़त देता है।
अल्लाह तआला हम सबको इस यक़ीन को अपने दिलों में जगह देने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अत-तारिक़
अनुवाद — अत-तारिक़ 8
सूरा अत-तारिक़ आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ख़ुदा उसके दोबारा (पैदा) करने पर ज़रूर कुदरत रखता…सूरा आयत 8/17 — अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तारिक़ सुनें, अत-तारिक़ अनुवाद, अत-तारिक़ mp3, अत-तारिक़ pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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