अत-तारिक़ · 10/17
अनुवाद उच्चारण — अत-तारिक़
فَمَا لَهُ مِن قُوَّةٍ وَلَا نَاصِرٍ ۝١٠
Famaa lahoo min quwwatinw wa laa naasir
📖 हिंदी अर्थ
तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قُوَّةٍ (क़ुव्वत): ताकत, शक्ति, बल।
  • نَاصِرٍ (नासिर): मददगार, सहायक, वह जो किसी की मदद करे।

तफ़सीर (व्याख्या):

उस दिन (क़ियामत के दिन) जब सारे भेद खुल जाएंगे, और हर इंसान के दिल के छिपे हुए राज़—चाहे वे अच्छे हों या बुरे—सामने आ जाएंगे, और अच्छे को बुरे से अलग कर दिया जाएगा, उस वक़्त इंसान के पास कोई ताकत नहीं होगी जिससे वह अपने आप को अल्लाह के अज़ाब से बचा सके। न ही उसके पास कोई ऐसा मददगार होगा जो उसे अल्लाह की पकड़ से छुड़ा सके।

यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो आख़िरत के दिन को झुठलाते हैं और सोचते हैं कि वे किसी भी तरह बच निकलेंगे। लेकिन हक़ीक़त यह है कि उस दिन न तो कोई ज़ोर-ज़बरदस्ती काम आएगी, न ही कोई साथी या रिश्तेदार किसी के काम आएगा। हर इंसान अकेला होगा, और उसकी मदद सिर्फ़ अल्लाह ही कर सकता है—लेकिन यह मदद सिर्फ़ उन्हीं को मिलेगी जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसके हुक्मों का पालन किया।

यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपनी ताकत और अपने सहारों पर घमंड नहीं करना चाहिए। आज हमें जो ताकत, दौलत, रिश्तेदार और दोस्त मिले हुए हैं, यह सब अल्लाह की देन है, और क़ियामत के दिन इनमें से कोई भी चीज़ हमारे काम नहीं आएगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएं, उसके हुक्मों का पालन करें, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई ताकत और कोई मददगार काम नहीं आएगा।

याद रखिए! अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है। उसने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने गुनाहों से तौबा कर लें और उसकी राह पर चलें। जो लोग इस मौके का फायदा उठाएंगे, उनके लिए जन्नत की नेमतें हैं, और जो इससे गाफिल रहेंगे, उनके लिए उस दिन कोई बचाव नहीं होगा। आइए, हम सब अपने रब की तरफ रुजू करें और उसकी रहमत के तलबगार बनें।

🎧 सुनें

📜 आयत 8-12 — अत-तारिक़

8إِنَّهُ عَلَىٰ رَجْعِهِ لَقَادِرٌ
बेशक ख़ुदा उसके दोबारा (पैदा) करने पर ज़रूर कुदरत रखता है
9يَوْمَ تُبْلَى السَّرَائِرُ
जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे
10فَمَا لَهُ مِن قُوَّةٍ وَلَا نَاصِرٍ
तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा
11وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الرَّجْعِ
चक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम
12وَالْأَرْضِ ذَاتِ الصَّدْعِ
और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)
अत-तारिक़कुरान सूची
17आयत
मक्कीRevelation
10आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 10

सूरा अत-तारिक़ आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न…

सूरा आयत 10/17 — अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तारिक़ सुनें, अत-तारिक़ अनुवाद, अत-तारिक़ mp3, अत-तारिक़ pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए