अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حِسَابَهُم (उनका हिसाब): यानी उनके कर्मों का पूरा-पूरा लेखा-जोखा और उसके अनुसार बदला।
तफसीर (व्याख्या):
फिर उनका हिसाब लेना हमारे ज़िम्मे है। यानी मरने के बाद सबको हमारी तरफ लौटना है, और फिर हम अकेले ही उनके सारे अमलों का हिसाब लेंगे। यह हिसाब किसी और का काम नहीं, बल्कि सिर्फ हमारा है। हम ही उनके नेक और बुरे कर्मों की मुआफ़ी (पुरस्कार या सज़ा) देंगे। हिसाब का मतलब सिर्फ गिनती नहीं, बल्कि हर अच्छे काम का अच्छा बदला और हर बुरे काम की सज़ा देना है। यह हिसाब इतना बारीक होगा कि कोई छोटी सी बात भी छूटेगी नहीं।
दावत और नसीहत (उपदेश):
ऐ इंसान! यह आयत हमें बताती है कि हमारी ज़िंदगी बेकार नहीं है। हर साँस, हर कदम, हर बात का हिसाब होगा। यह सोचकर हमें अपने अमलों को सुधारना चाहिए। अगर हमें यकीन हो जाए कि हमारा रब हमें देख रहा है और एक दिन हमें अपने कर्मों का पूरा हिसाब देना है, तो हम कभी गुनाह की तरफ नहीं बढ़ेंगे। यह हिसाब सिर्फ इसलिए है ताकि हमें इंसाफ मिले — जिसने भलाई की, उसे भलाई मिले, और जिसने बुराई की, उसे उसका अंजाम भुगतना पड़े। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता। तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि जिस दिन हमारा हिसाब हो, वह दिन हमारे लिए खुशी और कामयाबी का दिन बने, न कि पछतावे और शर्मिंदगी का।
📜 आयत 24-26 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 26
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनका हिसाब हमारे ज़िम्मे हैसूरा आयत 26/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 24–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








