Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِيَابَهُمْ: उनका लौटना, उनकी वापसी (रुजू')।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि निश्चय ही उनका (सारे इंसानों का) लौटना हमारी ही ओर है। यानी मौत के बाद सबको हमारे सामने हाज़िर होना है, कोई इससे बच नहीं सकता। यह बात उन लोगों के लिए चेतावनी है जो दुनिया में मनमानी करते हैं, अल्लाह के हुक्म को भूल जाते हैं और आख़िरत को नहीं मानते। उन्हें यक़ीन रखना चाहिए कि जिस तरह वे दुनिया में आए और जाएँगे, उसी तरह एक दिन उन्हें अपने रब के सामने खड़ा होना है। यह लौटना सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ है, किसी और की तरफ़ नहीं। और जब लौटना हमारी तरफ़ है, तो हिसाब भी हमारे पास ही होगा, और फिर हम ही उनके किए का बदला देंगे। यह आयत मोमिन के दिल में ख़ौफ़ पैदा करती है और उसे याद दिलाती है कि उसकी हर साँस, हर अमल दर्ज हो रहा है, और एक दिन उसे उसका सामना करना है। यही वह पल है जब इंसान को अपनी ज़िंदगी का हिसाब देना होगा, इसलिए बेहतर है कि आज ही अपने अमल को दुरुस्त कर लिया जाए, क्योंकि जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी में ग़र्रूर हैं, उनके लिए उस दिन बड़ी रुसवाई है। मगर जो लोग अपने रब की तरफ़ रुजू' करते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए उस दिन ख़ुशी और कामयाबी है। तो आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी को इस हक़ीक़त के मुताबिक़ ढालें कि हमें एक दिन अपने अल्लाह के सामने पेश होना है, और उस दिन की तैयारी ही असल कामयाबी है।
📜 आयत 23-26 — सूरा अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 25
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक उनको हमारी तरफ़ लौट कर आना हैसूरा आयत 25/26 — सूरा अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-ग़ाशिया सुनें, सूरा अल-ग़ाशिया अनुवाद, सूरा अल-ग़ाशिया mp3, सूरा अल-ग़ाशिया pdf. आयत 23–26. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-ग़ाशिया
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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