अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُّؤْصَدَةٌ: बंद की हुई, जिसके दरवाज़े बंद कर दिए गए हों। यह शब्द उस आग के लिए आया है जिसके सभी दरवाज़े बंद कर दिए जाएँ, ताकि उसमें से कोई निकल न सके और न ही उसमें कोई राहत पहुँच सके।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के अंजाम को बयान कर रही है जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया और अपने कुफ्र व इन्कार पर अड़े रहे। उनके लिए ऐसी आग है जो पूरी तरह से बंद कर दी गई है — उसके दरवाज़े उन पर बंद कर दिए जाएँगे, जैसे किसी क़ैदी को एक बंद कोठरी में डाल दिया जाए जिसमें न कोई रोशनी का रास्ता हो, न हवा का, और न ही किसी तरह की राहत की कोई गुंजाइश। यह आग उन्हें चारों तरफ से घेर लेगी और वे उससे निकलने की कोई सूरत न पाएँगे।
यह वह सज़ा है जो उन लोगों के लिए है जिन्होंने अल्लाह की नेमतों का इन्कार किया, उसके दिए हुए माल को अपनी ज़िद और घमंड में खर्च किया, और सच्चाई के आगे सर न झुकाया। याद रखिए, अल्लाह की यह सज़ा उसके इन्साफ़ का नतीजा है — जिसने दुनिया में अल्लाह की रहमत के दरवाज़े खुद पर बंद किए, उसके लिए आख़िरत में रहमत के सारे दरवाज़े बंद कर दिए जाएँगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किस रास्ते पर चल रहे हैं। अल्लाह ने हमें आज़ादी दी है — चाहें तो ईमान का रास्ता चुनें और चाहें तो कुफ्र का। लेकिन याद रखें, यह आज़ादी बेअंजाम नहीं है। जो लोग अल्लाह की रहमत के दरवाज़े खोलना चाहते हैं, उनके लिए तौबा का दरवाज़ा अभी खुला है। आज हमारे पास मौक़ा है कि हम अपने रब की तरफ लौटें, उसकी इबादत करें, और उसकी रहमत के साये में आ जाएँ। यह आयत हमें डराती भी है और साथ ही हिदायत देती है कि अभी वक़्त है — कल जब दरवाज़े बंद हो जाएँगे, तो पछतावे का कोई फ़ायदा नहीं होगा। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ दौड़ते हैं, और उसका अज़ाब उन लोगों के लिए है जो उससे मुँह मोड़ते हैं।
📜 आयत 18-20 — अल-बलद
अनुवाद — अल-बलद 20
सूरा अल-बलद आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि उनको आग में डाल कर हर तरफ से बन्द…सूरा आयत 20/20 — अल-बलद البلد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf. आयत 18–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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