अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَفَرُوا: इनकार किया, न माना।
- بِآيَاتِنَا: हमारी निशानियों (क़ुरआन और उसमें मौजूद आयतों) से।
- أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ: बाएँ हाथ वाले, यानी वे लोग जिनका हिसाब-किताब बाएँ हाथ में दिया जाएगा और जो नर्क की ओर ले जाए जाएँगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का हाल बयान कर रहे हैं जिन्होंने उसकी आयतों—ख़ासकर क़ुरआन करीम—को झुठलाया और उन पर ईमान नहीं लाए। ऐसे लोग "असहाबुल मश'अमा" कहलाते हैं, यानी बाएँ हाथ वाले। क़ियामत के दिन जब अच्छे लोगों का नामा-ए-आमाल दाएँ हाथ में दिया जाएगा, तो ये लोग अपना कर्म-पत्र बाएँ हाथ में पाएँगे, जो उनके बुरे अंजाम की निशानी है। उन्हें जहन्नुम की तरफ़ हाँका जाएगा, जहाँ वे हमेशा रहेंगे। यह उनके कुफ़्र और इनकार का सीधा नतीजा है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा आज का फ़ैसला हमारे कल के अंजाम का ज़रिया बनेगा। अल्लाह ने क़ुरआन को हिदायत की रोशनी बनाकर भेजा, ताकि हम अंधेरों से निकलकर सीधे रास्ते पर चलें। जो लोग इस रोशनी से मुँह मोड़ते हैं, वे ख़ुद अपने लिए तबाही का सामान करते हैं। लेकिन अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है—जब तक साँसें चल रही हैं, तौबा का दरवाज़ा खुला है। आज ही उठें, क़ुरआन को अपना रहनुमा बनाएँ, और उसकी आयतों पर ग़ौर करें। यही वह रास्ता है जो हमें दाएँ हाथ वालों में शामिल करेगा और जहन्नुम के ख़ौफ़ से बचाकर जन्नत की राहत तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको समझ और अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 17-20 — अल-बलद
अनुवाद — अल-बलद 19
सूरा अल-बलद आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन लोगों ने हमारी आयतों से इन्कार किया है…सूरा आयत 19/20 — अल-बलद البلد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf. आयत 17–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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