अल-बलद · 19/20
अनुवाद उच्चारण — अल-बलद
وَالَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِنَا هُمْ أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ ۝١٩
Wallazeena kafaroo bi aayaatinaa hum as-haabul Mash`amah
📖 हिंदी अर्थ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों से इन्कार किया है यही लोग बदबख्त हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَفَرُوا: इनकार किया, न माना।
  • بِآيَاتِنَا: हमारी निशानियों (क़ुरआन और उसमें मौजूद आयतों) से।
  • أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ: बाएँ हाथ वाले, यानी वे लोग जिनका हिसाब-किताब बाएँ हाथ में दिया जाएगा और जो नर्क की ओर ले जाए जाएँगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का हाल बयान कर रहे हैं जिन्होंने उसकी आयतों—ख़ासकर क़ुरआन करीम—को झुठलाया और उन पर ईमान नहीं लाए। ऐसे लोग "असहाबुल मश'अमा" कहलाते हैं, यानी बाएँ हाथ वाले। क़ियामत के दिन जब अच्छे लोगों का नामा-ए-आमाल दाएँ हाथ में दिया जाएगा, तो ये लोग अपना कर्म-पत्र बाएँ हाथ में पाएँगे, जो उनके बुरे अंजाम की निशानी है। उन्हें जहन्नुम की तरफ़ हाँका जाएगा, जहाँ वे हमेशा रहेंगे। यह उनके कुफ़्र और इनकार का सीधा नतीजा है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा आज का फ़ैसला हमारे कल के अंजाम का ज़रिया बनेगा। अल्लाह ने क़ुरआन को हिदायत की रोशनी बनाकर भेजा, ताकि हम अंधेरों से निकलकर सीधे रास्ते पर चलें। जो लोग इस रोशनी से मुँह मोड़ते हैं, वे ख़ुद अपने लिए तबाही का सामान करते हैं। लेकिन अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है—जब तक साँसें चल रही हैं, तौबा का दरवाज़ा खुला है। आज ही उठें, क़ुरआन को अपना रहनुमा बनाएँ, और उसकी आयतों पर ग़ौर करें। यही वह रास्ता है जो हमें दाएँ हाथ वालों में शामिल करेगा और जहन्नुम के ख़ौफ़ से बचाकर जन्नत की राहत तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको समझ और अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 17-20 — अल-बलद

17ثُمَّ كَانَ مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ وَتَوَاصَوْا بِالْمَرْحَمَةِ
फिर तो उन लोगों में (शामिल) हो जाता जो ईमान लाए और सब्र की नसीहत और तरस खाने की वसीयत करते रहे
18أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ
यही लोग ख़ुश नसीब हैं
19وَالَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِنَا هُمْ أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों से इन्कार किया है यही लोग बदबख्त हैं
20عَلَيْهِمْ نَارٌ مُّؤْصَدَةٌ
कि उनको आग में डाल कर हर तरफ से बन्द कर दिया जाएगा
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अनुवाद — अल-बलद 19

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Tuesday, August 18, 2026

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