अल-लैल · 1/21
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-लैल
وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ ۝١
Wallaili izaa yaghshaa
📖 हिंदी अर्थ
रात की क़सम जब (सूरज को) छिपा ले

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَاللَّيْلِ: रात की क़सम
  • إِذَا يَغْشَى: जब वह (अंधकार से) ढक ले

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में रात की क़सम खाई है, जब वह अपने अंधकार से धरती और आसमान के बीच की हर चीज़ को ढक लेती है। यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि इंसान अल्लाह की क़ुदरत और उसकी बनाई हुई इस विशाल व्यवस्था पर ग़ौर करे। रात का आना और उसका अंधकार से सब कुछ ढक लेना, अल्लाह की अज़मत की निशानी है। जब रात आती है तो सारी दुनिया एक सुकून और सुकूनत में डूब जाती है, और यह अल्लाह की रहमत है कि उसने रात को आराम और सुकून का ज़रिया बनाया।

यह क़सम इस बात की तरफ़ इशारा करती है कि जिस तरह रात अपने अंधकार से सब कुछ ढक लेती है, उसी तरह अल्लाह की क़ुदरत और उसका इल्म भी हर चीज़ को घेरे हुए है। इंसान को चाहिए कि वह रात और दिन के इस बदलाव में अल्लाह की हिकमत को पहचाने और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढाले।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने रात को अपनी निशानियों में से एक निशानी बनाया है, और जो लोग इन निशानियों पर ग़ौर करते हैं, वे अपने रब की तरफ़ रुजू करते हैं। रात का अंधकार हमें याद दिलाता है कि इस दुनिया की ज़िंदगी में भी अंधकार और उजाला दोनों हैं, और इंसान को हमेशा उजाले की तरफ़ बढ़ना चाहिए, यानी ईमान और नेक अमल की तरफ़।

अल्लाह तआला ने रात की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि उसकी मख़लूक़ात में बड़ी निशानियाँ हैं, और इंसान को चाहिए कि वह इन निशानियों से सबक़ हासिल करे। रात का अंधकार जब सब कुछ ढक लेता है, तो इंसान को अपने रब की याद आती है, और यही वह वक़्त है जब दिल अल्लाह की तरफ़ झुकता है। यह आयत हमें तश्वीक़ देती है कि हम रात के सुकून में अल्लाह की इबादत करें और उससे माफ़ी माँगें, क्योंकि रात की इबादत का बड़ा फ़ज़ीलत है।

याद रखिए, अल्लाह की क़समें उसकी अज़मत और उसकी मख़्लूक़ात की अहमियत को बयान करती हैं। रात जब आती है, तो हमें यह सोचना चाहिए कि इस क़सम का मक़सद हमें हक़ की तरफ़ रहनुमाई करना है। हमें अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारना चाहिए, ताकि उस दिन हम कामयाब हों जब अल्लाह हमसे हमारे आमाल का हिसाब लेगा।



📜 आयत 1-3 — सूरा अल-लैल

1وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ
रात की क़सम जब (सूरज को) छिपा ले
2وَالنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ
और दिन की क़सम जब ख़ूब रौशन हो
3وَمَا خَلَقَ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ
और उस (ज़ात) की जिसने नर व मादा को पैदा किया
अल-लैलकुरान सूची
21आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अल-लैल 1

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सूरा आयत 1/21 — सूरा अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-लैल सुनें, सूरा अल-लैल अनुवाद, सूरा अल-लैल mp3, सूरा अल-लैल pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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