अल-लैल · 2/21
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-लैल
وَالنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ ۝٢
Wannahaari izaa tajalla
📖 हिंदी अर्थ
और दिन की क़सम जब ख़ूब रौशन हो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • تَجَلَّىٰ: प्रकट होना, चमकना, उजाला फैलाना। अर्थात दिन का पूरी तरह से प्रकट हो जाना और अपनी रोशनी से अंधकार को मिटा देना।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में दिन की क़सम खाई है जब वह अपनी पूरी रौशनी और चमक के साथ प्रकट होता है। जब सूरज की किरणें फैलती हैं और अंधेरा छंट जाता है, तो पूरा संसार उजालों से जगमगा उठता है। यह वह समय होता है जब इंसान अपने काम-काज के लिए निकलता है, रोज़ी की तलाश करता है, और अल्लाह की नेमतों को देखता है।

यह क़सम हमें सिखाती है कि जिस तरह दिन रात के अंधेरे को चीरकर उजाला लेकर आता है, उसी तरह हक़ (सत्य) भी बातिल (असत्य) के अंधेरे को मिटाकर रौशनी फैलाता है। इस्लाम की रोशनी भी जहालत के अंधेरे को खत्म करती है और इंसान को सही रास्ता दिखाती है।

अल्लाह ने दिन की क़सम इसलिए खाई कि हम उसकी नेमतों पर ग़ौर करें। दिन का उजाला अल्लाह की रहमत की एक बड़ी निशानी है। जब हम सुबह उठते हैं और दिन की रोशनी देखते हैं, तो यह अल्लाह का एहसान है कि उसने हमें एक और दिन जीने का मौका दिया। यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपने इस जीवन को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में गुज़ारना चाहिए।

दिन का प्रकट होना हमें यह भी सिखाता है कि सच्चाई कभी छिपी नहीं रहती। जिस तरह सुबह होते ही अंधेरा भाग जाता है, उसी तरह सच्चाई और नेकी का रास्ता अपनाने वाले की ज़िंदगी में भी रौशनी आती है। अल्लाह का वादा है कि वह अपने नेक बंदों को कामयाबी और खुशहाली देता है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हम अपनी ज़िंदगी को दिन की तरह रौशन बनाएं — ईमान की रोशनी से, अच्छे आचरण से, और दूसरों की मदद से। जिस तरह दिन की रोशनी से दुनिया रौशन होती है, उसी तरह एक अच्छा मुसलमान अपने अच्छे कर्मों से समाज को रौशन करता है। अल्लाह हमें यह तौफ़ीक़ दे कि हम अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक गुज़ारें और उस दिन की रोशनी का सही इस्तेमाल करें। आमीन।



📜 आयत 1-4 — सूरा अल-लैल

1وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ
रात की क़सम जब (सूरज को) छिपा ले
2وَالنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ
और दिन की क़सम जब ख़ूब रौशन हो
3وَمَا خَلَقَ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ
और उस (ज़ात) की जिसने नर व मादा को पैदा किया
4إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰ
कि बेशक तुम्हारी कोशिश तरह तरह की है
अल-लैलकुरान सूची
21आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अल-लैल 2

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सूरा आयत 2/21 — सूरा अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-लैल सुनें, सूरा अल-लैल अनुवाद, सूरा अल-लैल mp3, सूरा अल-लैल pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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