अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَلاَ أَنتُمْ عَابِدُونَ – और न ही तुम इबादत करने वाले हो
- مَا أَعْبُدُ – जिसकी मैं इबादत करता हूँ (अर्थात अल्लाह अकेला)
तफसीर:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत दे रहा है कि आप काफिरों से कहें: "और न ही तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूँ।" यानी मैं अकेले अल्लाह की इबादत करता हूँ, जो सारे जहान का रब है, और तुम लोग उस अकेले माबूद की इबादत नहीं करते। तुम अपनी इबादत में उसके साथ दूसरों को शरीक करते हो — बुतों को, मूर्तियों को, और अपने बनाए हुए माबूदों को।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि काफिर लोग दावा करते थे कि हम भी अल्लाह की इबादत करते हैं, लेकिन अल्लाह तआला फरमाता है कि यह दावा झूठा है, क्योंकि जो इबादत शिर्क के साथ हो, वह अल्लाह की इबादत नहीं होती। असली इबादत तो वही है जो खालिस अल्लाह के लिए हो, बिना किसी शरीक के।
यह आयत हमें सिखाती है कि तौहीद (अल्लाह की एकता) ही असली दीन है। जब तक इंसान अपनी इबादत को खालिस नहीं करता, सिर्फ अल्लाह ही के लिए नहीं बनाता, तब तक वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। यही वह बुनियादी फर्क है जो मुसलमान और काफिर के बीच है — मुसलमान सिर्फ अल्लाह की इबादत करता है, और काफिर अल्लाह के साथ दूसरों को शरीक करता है।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि इस्लाम में सबसे पहली और सबसे बड़ी चीज़ तौहीद है। यही वह पैगाम है जो सभी नबियों ने दिया, और यही वह चीज़ है जो इंसान को जहन्नुम की आग से बचाकर जन्नत तक पहुँचाती है। अल्लाह तआला हम सबको खालिस तौहीद पर चलने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — अल-काफिरून
अनुवाद — अल-काफिरून 3
सूरा अल-काफिरून आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम…सूरा आयत 3/6 — अल-काफिरून الكافرون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-काफिरून सुनें, अल-काफिरून अनुवाद, अल-काफिरून mp3, अल-काफिरून pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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