अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شَرّ (शर्र): बुराई, नुक़सान, तकलीफ़ देने वाली चीज़।
- مَا خَلَقَ (मा ख़लक़): जो कुछ भी अल्लाह ने पैदा किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को सिखा रहे हैं कि वे अल्लाह की पनाह माँगें हर उस मख़लूक़ (पैदा की हुई चीज़) के शर्र (बुराई) से जो अल्लाह ने पैदा की है। यहाँ "مَا" (मा) का अर्थ है "जो" — यानी हर वो चीज़ जो अस्तित्व में है, चाहे वो इंसान हो, जानवर हो, जिन्न हो, कीड़ा हो, या कोई और मख़लूक़ — उसके अंदर जो बुराई और नुक़सान पहुँचाने की ताक़त है, उससे अल्लाह की पनाह माँगी जा रही है।
यानी हम यह दुआ करते हैं: "ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह में आता हूँ हर उस मख़लूक़ के नुक़सान से, जिसे तूने पैदा किया है — चाहे वो ज़ाहिर हो या छुपा हुआ, चाहे वो दिन में हो या रात में, चाहे वो ज़मीन पर हो या आसमान में।"
यह आयत हमें सिखाती है कि सारी बुराइयों का असली इलाज अल्लाह की पनाह में है। क्योंकि अल्लाह ही वो ज़ात है जिसने हर चीज़ को पैदा किया है, और वही हर चीज़ पर पूरी तरह क़ाबू रखता है। जब हम अल्लाह से पनाह माँगते हैं, तो हम उस ताक़त से जुड़ जाते हैं जो हर ताक़त से बड़ी है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबतों और ख़तरों से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उस अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए जो हर चीज़ का मालिक है। जब आप रात को सोने जाएँ, सुबह उठें, या किसी मुश्किल में हों — तो यह दुआ पढ़ें: "अउज़ु बिल्लाहि मिन शर्रि मा ख़लक़" (मैं अल्लाह की पनाह में आता हूँ उसकी पैदा की हुई हर चीज़ के नुक़सान से)। यह दुआ आपको हर उस बुराई से बचाएगी जो आप देखते हैं और जो आप नहीं देखते। अल्लाह की पनाह सबसे मज़बूत किला है — उसमें दाख़िल हो जाइए, और अपने दिल को इत्मीनान दीजिए।
📜 आयत 1-4 — सूरा अल-फलक
अनुवाद — अल-फलक 2
सूरा अल-फलक आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह…सूरा आयत 2/5 — सूरा अल-फलक الفلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फलक सुनें, सूरा अल-फलक अनुवाद, सूरा अल-फलक mp3, सूरा अल-फलक pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








