अल-फलक · 1/5
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-फलक
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۝١
Qul a`uzoo bi rabbil-falaq
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अ'ऊज़ु (أَعُوذُ): मैं पनाह माँगता हूँ, सुरक्षा चाहता हूँ।
  • रब्ब (رَبِّ): पालनहार, मालिक, प्रभु।
  • अल-फ़लक़ (الْفَلَق): सुबह का उजाला, यानी वह समय जब रात का अंधेरा चीरकर सुबह की रोशनी निकलती है। इसे 'फ़लक़' इसलिए कहा गया क्योंकि यह अंधेरे को चीरकर प्रकट होता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ को सिखा रहा है कि वे कहें: "मैं सुबह के पालनहार की पनाह में आता हूँ।" यानी मैं उस मालिक की सुरक्षा चाहता हूँ जो अंधेरी रात को चीरकर उज्ज्वल सुबह निकालता है। यह अल्लाह की कुदरत की एक अज़ीम निशानी है कि जब रात का अंधेरा अपने जोर पर होता है, तो वही अल्लाह उसे चीरकर रोशनी पैदा कर देता है। जो ख़ुदा अंधेरे से रोशनी निकाल सकता है, वही हर मुसीबत, हर बुराई और हर खतरे से अपने बंदों को महफूज़ रख सकता है।

इस आयत में अल्लाह हमें सिखा रहा है कि जब भी कोई डर, चिंता या खतरा महसूस हो, तो सबसे पहले हमें उसी अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए जो सुबह की रोशनी का मालिक है। जिस तरह वह अंधेरे को मिटाकर रोशनी लाता है, उसी तरह वह हमारी हर परेशानी को दूर कर सकता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब इतना क़ुदरतवाला है कि वह हर मुश्किल को आसान कर सकता है, बशर्ते हम दिल से उसी पर भरोसा करें और उसी से मदद माँगें।

यह सूरा हमें सिखाती है कि हर बुराई से बचने का सबसे बेहतरीन ज़रिया अल्लाह की पनाह है। चाहे बुराई दिखाई देने वाली हो या अनदेखी, चाहे दिन में हो या रात में, अल्लाह की पनाह सबसे मज़बूत किला है। जो बंदा अल्लाह की पनाह में आ जाए, उसे किसी और की ज़रूरत नहीं। यही वह पनाह है जो हमें हर नुकसान से बचाती है और हमें सुकून और इत्मिनान देती है।



📜 आयत 1-3 — सूरा अल-फलक

1قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की
2مِن شَرِّ مَا خَلَقَ
हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ
3وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ
और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए
अल-फलककुरान सूची
5आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अल-फलक 1

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Friday, October 2, 2026

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