अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अ'ऊज़ु (أَعُوذُ): मैं पनाह माँगता हूँ, सुरक्षा चाहता हूँ।
- रब्ब (رَبِّ): पालनहार, मालिक, प्रभु।
- अल-फ़लक़ (الْفَلَق): सुबह का उजाला, यानी वह समय जब रात का अंधेरा चीरकर सुबह की रोशनी निकलती है। इसे 'फ़लक़' इसलिए कहा गया क्योंकि यह अंधेरे को चीरकर प्रकट होता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ को सिखा रहा है कि वे कहें: "मैं सुबह के पालनहार की पनाह में आता हूँ।" यानी मैं उस मालिक की सुरक्षा चाहता हूँ जो अंधेरी रात को चीरकर उज्ज्वल सुबह निकालता है। यह अल्लाह की कुदरत की एक अज़ीम निशानी है कि जब रात का अंधेरा अपने जोर पर होता है, तो वही अल्लाह उसे चीरकर रोशनी पैदा कर देता है। जो ख़ुदा अंधेरे से रोशनी निकाल सकता है, वही हर मुसीबत, हर बुराई और हर खतरे से अपने बंदों को महफूज़ रख सकता है।
इस आयत में अल्लाह हमें सिखा रहा है कि जब भी कोई डर, चिंता या खतरा महसूस हो, तो सबसे पहले हमें उसी अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए जो सुबह की रोशनी का मालिक है। जिस तरह वह अंधेरे को मिटाकर रोशनी लाता है, उसी तरह वह हमारी हर परेशानी को दूर कर सकता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब इतना क़ुदरतवाला है कि वह हर मुश्किल को आसान कर सकता है, बशर्ते हम दिल से उसी पर भरोसा करें और उसी से मदद माँगें।
यह सूरा हमें सिखाती है कि हर बुराई से बचने का सबसे बेहतरीन ज़रिया अल्लाह की पनाह है। चाहे बुराई दिखाई देने वाली हो या अनदेखी, चाहे दिन में हो या रात में, अल्लाह की पनाह सबसे मज़बूत किला है। जो बंदा अल्लाह की पनाह में आ जाए, उसे किसी और की ज़रूरत नहीं। यही वह पनाह है जो हमें हर नुकसान से बचाती है और हमें सुकून और इत्मिनान देती है।
📜 आयत 1-3 — अल-फलक
अनुवाद — अल-फलक 1
सूरा अल-फलक आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक…सूरा आयत 1/5 — अल-फलक الفلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फलक सुनें, अल-फलक अनुवाद, अल-फलक mp3, अल-फलक pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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