अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ग़ासिक़ (غَاسِقٍ): अंधेरी रात, या चाँद। कहा गया है कि "ग़ासिक़" उस रात को कहते हैं जो अत्यधिक अंधेरी हो, और कुछ विद्वानों ने इसे चाँद से भी ताबीर किया है।
- वक़ब (وَقَبَ): दाखिल होना, घुस जाना, छा जाना। यानी जब अंधेरा अपनी पूरी शिद्दत के साथ छा जाए और हर चीज़ को ढक ले।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला हमें सिखा रहे हैं कि हम उस अंधेरी रात के शर से पनाह माँगें, जब उसका अंधेरा अपने पूरे जोर पर होता है और हर तरफ फैल जाता है। रात का अंधेरा अपने साथ कई तरह की मुसीबतें और खतरे लाता है — ज़हरीले जानवर, कीड़े-मकोड़े, चोर-डाकू, और वो सारी बुराइयाँ जो अंधेरे की आड़ में पनपती हैं। यहाँ तक कि चाँद भी जब रात में निकलता है, तो उसकी रोशनी में भी कुछ अजीब सी तारीकी और खतरे होते हैं, जैसा कि कुछ मुफ़स्सिरीन ने बयान किया है।
ये दुआ हमें सिखाती है कि इंसान कितना भी ताकतवर हो जाए, उसे हमेशा अल्लाह की पनाह की ज़रूरत है। रात का अंधेरा एक ऐसा वक़्त है जब इंसान कमज़ोर महसूस करता है, उसकी आँखें काम नहीं करतीं, और वो दुश्मनों के निशाने पर होता है। इसलिए अल्लाह ने अपने बंदों को सिखाया कि वो उससे कहें: "ऐ अल्लाह! मुझे उस अंधेरी रात के शर से बचा, जब उसका अंधेरा छा जाए।"
ये आयत हमें ये भी सिखाती है कि जब भी हम किसी मुश्किल या खतरे का सामना करें, तो सबसे पहले अल्लाह की तरफ रुजू करें। अल्लाह ही है जो रात की तारीकी में हिफ़ाज़त करता है, और वही है जो हर बुराई से बचाने की ताकत रखता है। ये दुआ हमारे दिल में अल्लाह पर भरोसा पैदा करती है और हमें यकीन दिलाती है कि जब हम उसकी पनाह में होंगे, तो कोई खतरा हमें नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
📜 आयत 1-5 — अल-फलक
अनुवाद — अल-फलक 3
सूरा अल-फलक आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाएसूरा आयत 3/5 — अल-फलक الفلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फलक सुनें, अल-फलक अनुवाद, अल-फलक mp3, अल-फलक pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








