Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اهْبِطُوا (उतरो): नीचे जाओ, उतरो।
- هُدًى (मार्गदर्शन): सत्य का रास्ता, जो किताब और रसूल के माध्यम से आता है।
- خَوْفٌ (डर): भविष्य में आने वाली किसी बुरी चीज़ का भय।
- يَحْزَنُونَ (दुखी होंगे): पीछे छूटी हुई चीज़ों पर अफ़सोस और ग़म।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने आदम, हव्वा और शैतान को आदेश दिया कि वे सब जन्नत से नीचे धरती पर उतर जाएँ। यह आदेश इसलिए दोहराया गया ताकि इस बात पर ज़ोर दिया जाए कि अब धरती ही उनका ठिकाना है, और यहीं उनकी आज़माइश होगी। इसके बाद अल्लाह ने एक बड़ी रहमत का वादा किया—उसने फ़रमाया कि जब मेरी तरफ से तुम्हारे पास मार्गदर्शन आएगा, यानी मेरे रसूल और मेरी किताबें, तो जो कोई उस मार्गदर्शन का पालन करेगा, उस पर न कोई डर होगा और न ही वह दुखी होगा। डर इसलिए नहीं कि आने वाले कल में उसे किसी बुराई का सामना नहीं करना पड़ेगा, और दुख इसलिए नहीं कि दुनिया में जो कुछ उसने छोड़ा या खोया, उस पर उसे अफ़सोस नहीं होगा। यह वादा आदम की सभी संतानों के लिए है, जब तक क़यामत आती है। जिसने भी इस हिदायत को अपनाया, वह दोनों जहान की सलामती का हक़दार बन गया।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है—गुनाह के बाद भी अगर इंसान तौबा कर ले और हिदायत पर चले, तो उसे माफ़ी और सलामती मिलती है।
- असली कामयाबी दुनिया की दौलत या ओहदे में नहीं, बल्कि अल्लाह की हिदायत की पैरवी में है।
- मोमिन का दिल इस वादे की बदौलत इत्मिनान से भरा रहता है कि उसे न मुस्तक़बिल का डर सताता है और न गुज़रे हुए वक़्त का ग़म।
- यह आयत हमें सिखाती है कि किताब और रसूल की राह ही वह राह है जो इंसान को हर तरह के ख़ौफ़ और अफ़सोस से आज़ाद कर देती है—यही इस्लाम की असली रूह है।
📜 आयत 36-40 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 38
सूरा अल-बकरा आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और जब आदम को) ये हुक्म दिया था कि यहाँ…सूरा आयत 38/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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