अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حُنَفَاءَ (हुनफ़ा): एकेश्वरवादी, सीधे रास्ते पर चलने वाले, सभी झूठे धर्मों से विमुख होकर केवल अल्लाह की ओर झुकने वाले।
- خَرَّ (ख़र्रा): गिरना, सजदे में गिरना नहीं, बल्कि ऊपर से नीचे गिरना।
- تَخْطَفُهُ (तख़्तफ़ुहु): झपटकर ले जाना, नोच-नोच कर टुकड़े कर देना।
- تَهْوِي (तह्वी): गिराना, ले जाना, झोंका देना।
- سَحِيقٍ (सहीक़): बहुत दूर, विनाशकारी स्थान, जहाँ से निकलने की कोई उम्मीद न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों को सीधे रास्ते की ओर बुलाते हुए फ़रमाता है कि तुम सब उसी की ओर एकाग्र होकर मुड़ो, उसी के लिए अपने दीन को ख़ालिस करो, और उसके साथ किसी को शरीक न ठहराओ। यही असली हनाफ़ियत (एकेश्वरवाद) है — यानी हर बात में, हर इबादत में, हर दुआ में सिर्फ़ अल्लाह को याद करना, उसी से डरना, उसी से उम्मीद रखना। जो शख्स इस सच्चे ईमान से हटकर शिर्क करता है, उसकी मिसाल बहुत ही स्पष्ट और डरावनी है — जैसे कोई इंसान आसमान की ऊँचाई से गिरे, तो या तो उसे हवा में उड़ते हुए शिकारी पक्षी झपटकर नोच-नोच कर टुकड़े-टुकड़े कर दें, या फिर तेज़ आँधी उसे उठाकर किसी ऐसी दूर और वीरान जगह पर फेंक दे जहाँ से उसके बचने की कोई संभावना ही न हो।
यानी शिर्क इंसान की ईमान की बुलंदी को मिट्टी में मिला देता है। जो इंसान ईमान की ऊँचाई पर होता है, वह शिर्क करते ही उस ऊँचाई से गिर जाता है — उसकी रूह को शैतानी वासनाएँ और बुरे ख़यालात नोच-नोच कर खा जाते हैं, और उसका दिल इतनी दूर जा गिरता है कि हिदायत की कोई किरण उसे फिर नहीं मिलती।
यह तशबीह (उदाहरण) हमें सिखाती है कि शिर्क सिर्फ एक गुनाह नहीं, बल्कि इंसान की आत्मा का पूरा विनाश है। इसलिए ऐ बंदे! अपने दिल को हर उस चीज़ से पाक रख जो अल्लाह के सिवा किसी और को पूजने, डरने या उम्मीद करने की तरफ ले जाए। अल्लाह की रहमत और हिदायत उन्हीं के लिए है जो उसकी तरफ पूरी तरह मुड़ जाएँ, और उसकी मुहब्बत को अपने दिलों में सबसे ऊपर रखें। याद रखो, जो शख्स अल्लाह के साथ किसी को शरीक ठहराता है, वह अपने ही हाथों अपनी नजात (मुक्ति) को खो देता है — लेकिन जो उसकी तरफ सच्चे दिल से लौटता है, अल्लाह उसे अपनी रहमत के साये में ले लेता है और उसे कभी न खत्म होने वाली कामयाबी से नवाज़ता है।
📜 आयत 29-33 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 31
सूरा अल-हज आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : निरे खरे अल्लाह के होकर (रहो) उसका किसी को शरीक…सूरा आयत 31/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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