अनुवाद — Tafsir
हमने स्पष्ट और प्रकट करने वाली आयतें उतारी हैं, और अल्लाह जिसे चाहता है सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।
शब्दों के अर्थ:
- मुबय्यिनात: स्पष्ट, प्रकट और सत्य को दर्शाने वाली आयतें।
- सिरात-ए-मुस्तक़ीम: सीधा मार्ग, जिसमें कोई टेढ़ापन न हो — यह इस्लाम का मार्ग है।
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने अनंत ज्ञान और कृपा का उल्लेख किया है। उसने कहा कि हमने क़ुरआन में ऐसी आयतें उतारी हैं जो पूर्ण रूप से स्पष्ट हैं, जो सत्य और असत्य के बीच अंतर को प्रकट करती हैं, और जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाली हैं। ये आयतें केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि ये मार्गदर्शन का प्रकाश हैं, जो हर उस व्यक्ति के लिए रास्ता दिखाती हैं जो सत्य की खोज में है।
इन आयतों में अल्लाह की एकता, उसकी महानता, उसके आदेश और निषेध, अच्छाई और बुराई की पहचान — सब कुछ स्पष्ट रूप से बयान किया गया है। ये आयतें मानव जीवन के हर पहलू के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, चाहे वह व्यक्तिगत जीवन हो, पारिवारिक जीवन हो, या सामाजिक जीवन।
फिर अल्लाह तआला ने यह बताया कि मार्गदर्शन उसी के हाथ में है — "और अल्लाह जिसे चाहता है सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।" यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। इसका अर्थ यह है कि आयतें स्पष्ट होने के बावजूद, हृदय की खुलापन और सत्य को स्वीकार करने की तौफ़ीक़ अल्लाह ही देता है। जो व्यक्ति सच्चे दिल से सत्य की खोज करता है और अपने अहंकार और हठ को त्याग देता है, अल्लाह उसके दिल को खोल देता है और उसे सीधे मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें दो चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए: पहला, अल्लाह की आयतों को पढ़ना, समझना और उन पर अमल करना; दूसरा, अल्लाह से दुआ करना कि वह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। क्योंकि केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अल्लाह की मदद और मार्गदर्शन आवश्यक है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हमें सबसे बड़ी नेमत दी है — स्पष्ट आयतें और सीधा मार्ग। यह हमारे ऊपर है कि हम इस नेमत की कद्र करें, इसे अपने जीवन में अपनाएँ, और अल्लाह से लगातार मार्गदर्शन की प्रार्थना करते रहें। जो व्यक्ति इस सीधे मार्ग पर चलता है, वह दुनिया में भी सफल होता है और आख़िरत में भी — उसे जन्नत की खुशखबरी दी गई है। अल्लाह हम सभी को सीधे मार्ग पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 44-48 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 46
सूरा अन-नूर आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम ही ने यक़ीनन वाजेए व रौशन आयतें नाज़िल की…सूरा आयत 46/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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