अन-नूर · 46/64
अनुवाद उच्चारण — अन-नूर
لَّقَدْ أَنزَلْنَا آيَاتٍ مُّبَيِّنَاتٍ ۚ وَاللَّهُ يَهْدِي مَن يَشَاءُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ ۝٤٦
Laqad anzalnaaa Aayaatim mubaiyinaat; wallaahu yahdee mai yashaaa`u ilaa Siraatim Mustaqeem
📖 हिंदी अर्थ
हम ही ने यक़ीनन वाजेए व रौशन आयतें नाज़िल की और खुदा ही जिसको चाहता है सीधी राह की हिदायत करता है
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अनुवाद — Tafsir

हमने स्पष्ट और प्रकट करने वाली आयतें उतारी हैं, और अल्लाह जिसे चाहता है सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।

शब्दों के अर्थ:

  • मुबय्यिनात: स्पष्ट, प्रकट और सत्य को दर्शाने वाली आयतें।
  • सिरात-ए-मुस्तक़ीम: सीधा मार्ग, जिसमें कोई टेढ़ापन न हो — यह इस्लाम का मार्ग है।

व्याख्या:

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने अनंत ज्ञान और कृपा का उल्लेख किया है। उसने कहा कि हमने क़ुरआन में ऐसी आयतें उतारी हैं जो पूर्ण रूप से स्पष्ट हैं, जो सत्य और असत्य के बीच अंतर को प्रकट करती हैं, और जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाली हैं। ये आयतें केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि ये मार्गदर्शन का प्रकाश हैं, जो हर उस व्यक्ति के लिए रास्ता दिखाती हैं जो सत्य की खोज में है।

इन आयतों में अल्लाह की एकता, उसकी महानता, उसके आदेश और निषेध, अच्छाई और बुराई की पहचान — सब कुछ स्पष्ट रूप से बयान किया गया है। ये आयतें मानव जीवन के हर पहलू के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, चाहे वह व्यक्तिगत जीवन हो, पारिवारिक जीवन हो, या सामाजिक जीवन।

फिर अल्लाह तआला ने यह बताया कि मार्गदर्शन उसी के हाथ में है — "और अल्लाह जिसे चाहता है सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।" यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। इसका अर्थ यह है कि आयतें स्पष्ट होने के बावजूद, हृदय की खुलापन और सत्य को स्वीकार करने की तौफ़ीक़ अल्लाह ही देता है। जो व्यक्ति सच्चे दिल से सत्य की खोज करता है और अपने अहंकार और हठ को त्याग देता है, अल्लाह उसके दिल को खोल देता है और उसे सीधे मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि हमें दो चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए: पहला, अल्लाह की आयतों को पढ़ना, समझना और उन पर अमल करना; दूसरा, अल्लाह से दुआ करना कि वह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। क्योंकि केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अल्लाह की मदद और मार्गदर्शन आवश्यक है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हमें सबसे बड़ी नेमत दी है — स्पष्ट आयतें और सीधा मार्ग। यह हमारे ऊपर है कि हम इस नेमत की कद्र करें, इसे अपने जीवन में अपनाएँ, और अल्लाह से लगातार मार्गदर्शन की प्रार्थना करते रहें। जो व्यक्ति इस सीधे मार्ग पर चलता है, वह दुनिया में भी सफल होता है और आख़िरत में भी — उसे जन्नत की खुशखबरी दी गई है। अल्लाह हम सभी को सीधे मार्ग पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 44-48 — अन-नूर

44يُقَلِّبُ اللَّهُ اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبْرَةً لِّأُولِي الْأَبْصَارِ
ख़ुदा ही रात और दिन को फेर बदल करता रहता है- बेशक इसमें ऑंख वालों के लिए बड़ी इबरत है
45وَاللَّهُ خَلَقَ كُلَّ دَابَّةٍ مِّن مَّاءٍ ۖ فَمِنْهُم مَّن يَمْشِي عَلَىٰ بَطْنِهِ وَمِنْهُم مَّن يَمْشِي عَلَىٰ رِجْلَيْنِ وَمِنْهُم مَّن يَمْشِي عَلَىٰ أَرْبَعٍ ۚ يَخْلُقُ اللَّهُ مَا يَشَاءُ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
और ख़ुदा ही ने तमाम ज़मीन पर चलने वाले (जानवरों) को पानी से पैदा किया उनमें से बाज़ तो ऐसे हैं जो अपने पेट के बल चलते हैं और बाज़ उनमें से ऐसे हैं जो दो पाँव पर चलते हैं और बाज़ उनमें से ऐसे हैं जो चार पावों पर चलते हैं- ख़ुदा जो चाहता है पैदा करता है इसमें शक नहीं कि खुदा हर चीज़ पर क़ादिर है
46لَّقَدْ أَنزَلْنَا آيَاتٍ مُّبَيِّنَاتٍ ۚ وَاللَّهُ يَهْدِي مَن يَشَاءُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ
हम ही ने यक़ीनन वाजेए व रौशन आयतें नाज़िल की और खुदा ही जिसको चाहता है सीधी राह की हिदायत करता है
47وَيَقُولُونَ آمَنَّا بِاللَّهِ وَبِالرَّسُولِ وَأَطَعْنَا ثُمَّ يَتَوَلَّىٰ فَرِيقٌ مِّنْهُم مِّن بَعْدِ ذَٰلِكَ ۚ وَمَا أُولَٰئِكَ بِالْمُؤْمِنِينَ
और (जो लोग ऐसे भी है जो) कहते हैं कि ख़ुदा पर और रसूल पर ईमान लाए और हमने इताअत क़ुबूल की- फिर उसके बाद उन में से कुछ लोग (ख़ुदा के हुक्म से) मुँह फेर लेते हैं और (सच यूँ है कि) ये लोग ईमानदार थे ही नहीं
48وَإِذَا دُعُوا إِلَى اللَّهِ وَرَسُولِهِ لِيَحْكُمَ بَيْنَهُمْ إِذَا فَرِيقٌ مِّنْهُم مُّعْرِضُونَ
और जब वह लोग ख़ुदा और उसके रसूल की तरफ बुलाए जाते हैं ताकि रसूल उनके आपस के झगड़े का फैसला कर दें तो उनमें का एक फरीक रदगिरदानी करता है
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अनुवाद — अन-नूर 46

सूरा अन-नूर आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम ही ने यक़ीनन वाजेए व रौशन आयतें नाज़िल की…

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Tuesday, August 18, 2026

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