अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- دَابَّةٍ: चलने-फिरने वाला प्राणी, धरती पर चलने वाला जीव।
- مِن مَّاءٍ: पानी से, अर्थात नुत्फ़े (वीर्य) से।
- يَمْشِي عَلَىٰ بَطْنِهِ: अपने पेट के बल चलता है (रेंगता है)।
- يَمْشِي عَلَىٰ رِجْلَيْنِ: दो पैरों पर चलता है।
- يَمْشِي عَلَىٰ أَرْبَعٍ: चार पैरों पर चलता है।
- قَدِيرٌ: हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी कुदरत के अज़ीम नमूने पेश किए हैं। वह बताता है कि उसने हर चलने-फिरने वाले जीव को पानी से पैदा किया है। यानी सभी जानदारों की बुनियाद नुत्फ़े (वीर्य) है, जो पानी की तरह बहता है। यही वह मूल तत्व है जिससे अल्लाह ने अनगिनत किस्मों के जीव बनाए।
फिर अल्लाह ने इन प्राणियों की चाल-ढाल की विविधता की ओर इशारा किया:
- कुछ जीव अपने पेट के बल रेंगते हैं, जैसे साँप, कीड़े-मकोड़े और इसी तरह के दूसरे जीव।
- कुछ जीव दो पैरों पर चलते हैं, जैसे इंसान और पक्षी।
- कुछ जीव चार पैरों पर चलते हैं, जैसे चौपाए जानवर — गाय, बकरी, ऊँट, घोड़े आदि।
यह सिर्फ़ कुछ मिसालें हैं। अल्लाह ने जो चाहा पैदा किया और जो चाहता है पैदा करता रहेगा। उसकी रचना की कोई सीमा नहीं, कोई हद नहीं। वह जिस रूप में चाहे, जिस तरह चाहे, जिस हालत में चाहे पैदा कर सकता है। क्योंकि वह हर चीज़ पर पूरी कुदरत रखता है। उसके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं, न कोई चीज़ उसे असमर्थ कर सकती है।
यह आयत हमें अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जिस अल्लाह ने पानी की एक बूंद से इतनी तरह के जीव बना दिए, क्या वह मौत के बाद दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर नहीं? ज़रूर क़ादिर है। यही अल्लाह की कुदरत का सबूत है। जो इंसान इन मख़लूक़ात को देखकर अल्लाह की अज़मत को न पहचाने, वह कितना बड़ा ग़ाफ़िल है!
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की रचना में कोई एकरूपता नहीं, बल्कि बेहद تنوع (विविधता) है। यह विविधता ही अल्लाह की कुदरत की निशानी है। जिस अल्लाह ने यह सब बनाया, वही हमारा रब है, वही हमारी परवरिश करता है, और उसी की इबादत हम पर फ़र्ज़ है। हमें चाहिए कि उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। क्योंकि वही सब कुछ कर सकता है, और उसके सिवा कोई मददगार नहीं।
📜 आयत 43-47 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 45
सूरा अन-नूर आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा ही ने तमाम ज़मीन पर चलने वाले (जानवरों)…सूरा आयत 45/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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