अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آمَنَّا — हम ईमान लाए।
- أَطَعْنَا — हमने आज्ञा का पालन किया।
- يَتَوَلَّى — मुँह मोड़ लेता है, विमुख हो जाता है।
- فَرِيقٌ — एक समूह, एक गिरोह।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो मुँह से ईमान का दावा करते हैं, लेकिन उनके कर्म उनके दावे की पुष्टि नहीं करते। ये वे लोग हैं जो कहते हैं: "हम अल्लाह पर ईमान लाए और रसूल पर ईमान लाए और हमने आज्ञा का पालन किया।" यानी वे ज़ुबान से यह सब कहते हैं, लेकिन जब बात आती है अल्लाह और उसके रसूल के फ़ैसले को मानने की, तो उनमें से एक गिरोह मुँह मोड़ लेता है। वे उस हुक्म को क़बूल करने से इनकार कर देते हैं जो उनकी अपनी इच्छाओं और मनमर्ज़ी के ख़िलाफ़ होता है।
यहाँ अल्लाह तआला साफ़ फ़रमा रहे हैं कि ऐसे लोग हरगिज़ मोमिन नहीं हैं। ईमान सिर्फ़ ज़ुबान का दावा नहीं है, बल्कि ईमान दिल की पुष्टि और अमल से साबित होता है। जो व्यक्ति अल्लाह और उसके रसूल के हुक्म को नहीं मानता, उसका ईमान का दावा झूठा है। यह आयत उन लोगों के बारे में है जो दिखावे के लिए ईमान का इज़हार करते हैं, लेकिन जब उन्हें जिहाद या किसी और कठिन आज्ञा का पालन करने के लिए कहा जाता है, तो वे पीछे हट जाते हैं।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि ईमान सिर्फ़ ज़ुबानी कलिमा नहीं है। ईमान का तक़ाज़ा है कि हम अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के हर हुक्म को खुशी से क़बूल करें, चाहे वह हमारी इच्छाओं के ख़िलाफ़ ही क्यों न हो। जो व्यक्ति अल्लाह के दीन को पूरी तरह अपनाता है, उसकी ज़िंदगी में अल्लाह की रज़ा ही सबसे बड़ी मंज़िल होती है। वह किसी भी हुक्म से मुँह नहीं मोड़ता, क्योंकि वह जानता है कि अल्लाह का हर फ़ैसला उसके भले के लिए है।
याद रखिए, अल्लाह तआला दिलों के राज़ जानता है। वह देखता है कि कौन सच्चे दिल से ईमान लाया है और कौन सिर्फ़ दिखावा कर रहा है। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को सिर्फ़ ज़ुबान तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने अमल, अपने चाल-चलन और अपनी पूरी ज़िंदगी में उतारें। जब हम अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के हुक्म के आगे सर झुकाते हैं, तो हमारा ईमान पूरा होता है और हमें अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फ़िरत के हक़दार बनते हैं। अल्लाह हमें सच्चे ईमान की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 45-49 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 47
सूरा अन-नूर आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जो लोग ऐसे भी है जो) कहते हैं कि…सूरा आयत 47/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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