अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظَاهَرُوهُم (ज़ाहरूहुम): उनकी मदद की, उनका साथ दिया।
- صَيَاصِيهِمْ (सयासीहिम): उनके किले, दुर्ग और मज़बूत क़िलेबंदियाँ।
- قَذَفَ (क़ज़फ़): डाल दिया, फेंक दिया।
- الرُّعْبَ (रु'ब): भय, खौफ़, दहशत।
- تَأْسِرُونَ (ता'सिरून): क़ैद करते हो, बंदी बनाते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ और मोमिनीन पर की गई अपनी महान कृपा का ज़िक्र करते हुए बताया कि जब अहज़ाब (क़ुरैश, ग़तफ़ान और उनके साथी) मदीना पर चढ़ाई करने आए, तो मदीना के यहूदियों में से बनी क़ुरैज़ा ने उनका साथ दिया और मुसलमानों के ख़िलाफ़ उनकी मदद की। यह उस वक़्त की बात है जब मुसलमान खंदक़ (खाई) में घिरे हुए थे और दुश्मनों ने उन्हें चारों तरफ से घेर रखा था।
अल्लाह तआला ने अपनी क़ुदरत से बनी क़ुरैज़ा के उन गद्दारों को उनके मज़बूत किलों से नीचे उतार दिया, जिनकी दीवारें और बुर्ज उन्हें बड़े से बड़े दुश्मन से बचा सकते थे। अल्लाह ने उनके दिलों में ऐसा खौफ़ और दहशत डाल दिया कि उनकी सारी ताक़त और हिम्मत जवाब दे गई। वे अपने किलों में रहते हुए भी इतने भयभीत हो गए कि उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए कोई रास्ता नहीं देखा और मुसलमानों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
फिर अल्लाह ने मोमिनीन को उन पर पूरी तरह से ग़ालिब कर दिया। उनमें से एक गिरोह (जंग में हिस्सा लेने वाले पुरुष) को तुमने क़त्ल किया, और दूसरे गिरोह (औरतों और बच्चों) को तुमने क़ैद कर लिया। यह अल्लाह की तरफ से मुसलमानों के लिए एक बड़ी फ़तह और नुसरत थी, जो उनके सब्र और अल्लाह पर भरोसे की बदौलत मिली।
दावती पहलू (प्रेरक पहलू):
यह आयत मोमिनीन के लिए एक जीती-जागती निशानी है कि अल्लाह तआला अपने बंदों की मदद कैसे करता है। जब मुसलमानों की तादाद कम थी, हथियार कम थे, और दुश्मन चारों तरफ से घेरे हुए थे, तब अल्लाह ने अपनी ग़ैबी मदद से उन्हें फ़तह अता की। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम चाहे कितनी भी मुश्किल हालात में हों, अगर हम अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके दीन की मदद करें, तो अल्लाह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह ऐसे रास्तों से मदद भेजता है जिनका हमें अंदाज़ा भी नहीं होता। यही इस्लाम की ताक़त है — कि फ़तह अल्लाह ही के हाथ में है, और वह अपने मोमिन बंदों को कभी ज़लील नहीं करता।
📜 आयत 24-28 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 26
सूरा अल-अहज़ाब आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अहले किताब में से जिन लोगों (बनी कुरैज़ा) ने…सूरा आयत 26/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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