Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَسْتُنَّ كَأَحَدٍ مِّنَ النِّسَاءِ: तुम किसी भी औरत के समान नहीं हो।
- لَا تَخْضَعْنَ بِالْقَوْلِ: बात में नरमी और लचीलापन न दिखाओ।
- فَيَطْمَعَ الَّذِي فِي قَلْبِهِ مَرَضٌ: ताकि वह लालच न करे जिसके दिल में बीमारी है।
- قَوْلًا مَّعْرُوفًا: ऐसी बात जो शरियत के अनुसार उचित और साफ-सुथरी हो।
तफसीर:
ऐ नबी ﷺ की पत्नियों! तुम दूसरी औरतों की तरह नहीं हो। अल्लाह ने तुम्हें जो शरफ और मर्तबा दिया है, वह किसी और को नहीं दिया। तुम सब मुसलमानों की माएँ हो, और तुम्हारा घर वह पवित्र घर है जहाँ वही आती थी। लेकिन यह बड़ाई और फज़ीलत तभी काम आएगी जब तुम अल्लाह से डरती रहोगी और उसके हुक्मों पर अमल करती रहोगी। अगर तुम परहेज़गारी अपनाओगी, तो तुम्हारा दर्जा और भी बुलंद होगा।
इसलिए जब तुम गैर मर्दों से बात करो, तो अपनी आवाज़ में नरमी और मिठास न डालो, और न ही ऐसे अंदाज़ में बोलो जिससे दिल में बीमारी रखने वाला शख्स — यानी जिसके दिल में निफाक़ हो या गुनाह की चाहत हो — वह तुमसे कुछ उम्मीद करने लगे। यह सिर्फ नबी ﷺ की पत्नियों के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस मुसलमान औरत के लिए ज़रूरी है जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखती है। इस्लाम औरत की इज़्ज़त को बचाना चाहता है, और यही उसकी पाकीज़गी की हिफ़ाज़त है।
तुम लोगों से साफ, सीधी और शरीयत के मुताबिक बात कहो — ऐसी बात जिसमें कोई शुबहा न हो, जो ज़रूरत के मुताबिक हो, न बहुत ज़्यादा लंबी और न बेहूदा। अपनी बात को इज़्ज़त और वक़ार के साथ कहो, ताकि सामने वाले के दिल में कोई बुरा ख़याल पैदा न हो। यही तरीका है जो तुम्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में सरबुलंद करेगा। अल्लाह ने तुम्हें यह मर्तबा इसलिए दिया है ताकि तुम पूरी उम्मत के लिए नमूना बनो — और यह नमूना पाकीज़गी, परहेज़गारी और अच्छे अख़लाक़ का हो। जो औरत इस राह पर चलेगी, वह अल्लाह की नज़र में बहुत प्यारी है, और उसके लिए जन्नत में बड़ा इनाम तैयार है।
📜 आयत 30-34 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 32
सूरा अल-अहज़ाब आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ नबी की बीवियों तुम और मामूली औरतों की सी…सूरा आयत 32/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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