अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- य़क़्नुत (يَقْنُتْ) – अर्थात आज्ञाकारी रहे, निरंतर आज्ञा का पालन करे।
- क़ुनूत (قُنُوت) – अर्थात दीर्घकालिक आज्ञाकारिता और विनम्रता।
- नु'तिहा (نُؤْتِهَا) – अर्थात हम उसे प्रदान करेंगे।
- अ'तदना (أَعْتَدْنَا) – अर्थात हमने तैयार कर रखा है।
- रिज़्क़न करीमन (رِزْقًا كَرِيمًا) – अर्थात सम्मानजनक और उत्तम आजीविका, जो स्वर्ग है।
व्याख्या:
अल्लाह तआला इस पवित्र आयत में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पाक बीवियों को सम्बोधित करते हुए फ़रमाता है कि जो कोई भी तुममें से अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करेगी, और अच्छे कर्म करेगी – यानी जो आदेश अल्लाह ने दिए हैं उन पर अमल करेगी और जिन चीज़ों से रोका है उनसे बचेगी – तो अल्लाह उसे दोहरा प्रतिफल प्रदान करेगा। अर्थात उसे अन्य सामान्य महिलाओं के बराबर नहीं, बल्कि दोगुना अज्र मिलेगा, क्योंकि उसकी ज़िम्मेदारी अधिक है और उसका दर्जा भी ऊँचा है। यह अल्लाह की ओर से विशेष कृपा है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि हमने उसके लिए एक उत्तम और सम्मानजनक आजीविका तैयार कर रखी है – और वह है जन्नत। यह जन्नत ऐसी जगह है जहाँ हर प्रकार की नेमतें, सुख-शांति और आनन्द है, जिसका कोई अंत नहीं। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टूटता नहीं।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जो व्यक्ति जितना अधिक ज़िम्मेदार होता है, उसकी परीक्षा भी उतनी ही कठिन होती है, लेकिन उसका प्रतिफल भी उतना ही अधिक होता है। अल्लाह किसी के अच्छे कर्म को व्यर्थ नहीं करता। चाहे वह कर्म छोटा हो या बड़ा, अल्लाह उसका पूरा-पूरा बदला देता है। यह अल्लाह की रहमत और करम है कि वह अपने बन्दों को उनके अच्छे कर्मों का प्रतिफल कई गुना बढ़ाकर देता है।
इस आयत में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि अल्लाह ने "क़ुनूत" (निरंतर आज्ञाकारिता) का ज़िक्र किया – यानी केवल एक बार या कभी-कभार आज्ञा मानना काफी नहीं, बल्कि निरंतर और स्थिर रूप से आज्ञाकारी रहना चाहिए। यही सच्ची ईमानदारी है। साथ ही "अच्छे कर्म" का ज़िक्र भी किया – यानी केवल आज्ञाकारिता का दावा ही नहीं, बल्कि अच्छे कर्मों का होना भी आवश्यक है। दोनों का संगम ही सच्ची सफलता की कुंजी है।
यह आयत हर मुसलमान महिला और पुरुष के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि वे अल्लाह की आज्ञा का पालन करें और अच्छे कर्म करें, क्योंकि अल्लाह का वादा है कि वह उन्हें दोगुना प्रतिफल देगा और उनके लिए सम्मानजनक आजीविका तैयार करेगा। यह अल्लाह की ओर से एक महान उपहार है, जो उसके वफादार बन्दों की प्रतीक्षा कर रहा है।
📜 आयत 29-33 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 31
सूरा अल-अहज़ाब आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुममें से जो (बीवी) खुदा और उसके रसूल की…सूरा आयत 31/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, September 8, 2026
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