अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِتَأْفِكَنَا — हमें हमारे देवताओं की पूजा से रोकने और बहकाने के लिए।
- فَأْتِنَا بِمَا تَعِدُنَا — तो हम पर वह अज़ाब (यातना) ला दो जिसकी तू हमें धमकी देता है।
- الصَّادِقِينَ — सच्चे लोगों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब नबी हूद (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम 'आद' को अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया, तो उनकी क़ौम ने अहंकार और जिद्द के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा: "क्या तू हमारे पास इसलिए आया है कि हमें हमारे देवताओं की पूजा से बहका दे और हमें उनसे दूर कर दे? यह कभी नहीं हो सकता! अगर तू सच्चा है और तू सचमुच अल्लाह का नबी है, तो जिस अज़ाब की तू हमें धमकी देता है, उसे हमारे ऊपर ला डाल। हम तेरी बातों पर तब तक ईमान नहीं लाएँगे जब तक तू अपनी धमकी को सच न दिखा दे।"
यह क़ौम की ओर से एक चुनौती थी, जो उनके घमंड, सत्य से मुँह मोड़ने और नबी का मज़ाक उड़ाने पर आधारित थी। उन्होंने यह नहीं सोचा कि अल्लाह का अज़ाब कब और कैसे आएगा — वह तो तब आता है जब अल्लाह चाहता है, और जब आता है तो किसी को रोकने की ताक़त नहीं होती। उनकी यह बात उनकी नादानी और सज़ा को जल्दी माँगने की सनक थी, जैसा पहले की क़ौमों ने भी किया था।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है: इंसान को चाहिए कि वह हक़ (सत्य) को सुनते ही उसे क़बूल कर ले, और अल्लाह के नबियों की दावत को ठुकराने और उनका मज़ाक उड़ाने से बचे। अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है, और जब वह आ जाता है, तो कोई पनाह नहीं दे सकता। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की रहमत और माफ़ी की ओर जल्दी करें, और उसकी नाफ़रमानी से बचें, क्योंकि अल्लाह बड़ा दयालु है, लेकिन उसकी पकड़ भी बहुत सख्त है जब वह पकड़ता है।
📜 आयत 20-24 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 22
सूरा अल-अहकाफ आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह बोले क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि…सूरा आयत 22/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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