Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अख़ा आदिन: आद क़ौम के भाई, यानी हज़रत हूद अलैहिस्सलाम, जो उन्हीं के क़बीले से ताल्लुक़ रखते थे।
- अहक़ाफ़: रेतीले टीले, जो दक्षिणी अरब में स्थित थे और आद क़ौम की बस्तियाँ वहीं थीं।
- ख़लतिन नुज़ुर: पहले भी डराने वाले पैग़म्बर गुज़र चुके थे।
- अज़ाबे यौमिन अज़ीम: उस महान दिन की यातना, यानी क़ियामत का दिन।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप उस समय को याद करें जब हज़रत हूद अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम 'आद' को डराया। वे उनके भाई थे, यानी उन्हीं के क़बीले से थे, लेकिन दीन में वे अल्लाह के पैग़म्बर थे। उन्होंने अपनी क़ौम को उस वक़्त नसीहत की जब वे 'अहक़ाफ़' (रेतीले टीलों) में रहते थे। यह जगह दक्षिणी अरब में थी, जहाँ आद क़ौम की बस्तियाँ थीं।
हज़रत हूद अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को अल्लाह के अज़ाब से डराया। उनसे पहले भी कई पैग़म्बर गुज़र चुके थे, जिन्होंने अपनी-अपनी क़ौमों को अल्लाह की इबादत की तरफ़ बुलाया था। हूद अलैहिस्सलाम ने भी वही पैग़ाम दिया जो हर पैग़म्बर का पैग़ाम था: "अल्लाह के सिवा किसी की इबादत मत करो।" उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "मुझे तुम्हारे लिए एक बड़े दिन के अज़ाब का डर है, यानी क़ियामत के दिन का, जब अल्लाह के सिवा कोई बचाने वाला नहीं होगा।"
यह पैग़ाम सिर्फ़ आद क़ौम के लिए नहीं था, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करता है। अल्लाह तआला ने हमें पैदा किया, हमें रिज़्क़ दिया, और हमें रहमतों से नवाज़ा। तो क्या हमें उसी की इबादत नहीं करनी चाहिए? हज़रत हूद अलैहिस्सलाम की दावत साफ़ और सीधी थी: सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करो, उसके साथ किसी को शरीक मत करो। यही तौहीद का पैग़ाम है, जो हर पैग़म्बर का असली पैग़ाम रहा है।
आज भी हमें इसी पैग़ाम पर अमल करना है। अल्लाह की इबादत में किसी को शरीक करना सबसे बड़ा गुनाह है, और अल्लाह उसे माफ़ नहीं करता। लेकिन जो लोग तौबा कर लें और सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें, उनके लिए अल्लाह की रहमत और जन्नत है। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
📜 आयत 19-23 — सूरा अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 21
सूरा अल-अहकाफ आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम आद को भाई (हूद) को याद…सूरा आयत 21/35 — सूरा अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहकाफ सुनें, सूरा अल-अहकाफ अनुवाद, सूरा अल-अहकाफ mp3, सूरा अल-अहकाफ pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहकाफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


