अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَمُنُّونَ – एहसान जताते हैं
- أَنْ أَسْلَمُوا – इस बात पर कि उन्होंने इस्लाम क़बूल किया
- لَا تَمُنُّوا – एहसान मत जताओ
- هَدَاكُمْ – उसने तुम्हें मार्गदर्शन दिया / हिदायत दी
- صَادِقِينَ – सच्चे / सच्चे दावे वाले
तफ़सीर:
यह आयत उन अरब के देहाती क़बीलों (अ'राब) के बारे में उतरी, जो नबी ﷺ के पास आकर इस्लाम क़बूल करते थे और फिर अपने इस्लाम को एक बड़ा एहसान समझकर आप ﷺ पर जताते थे। वे कहते थे: "हमने आपका साथ दिया, हमने आपकी मदद की, हमने इस्लाम क़बूल किया।" वे समझते थे कि इस्लाम लाकर उन्होंने आप ﷺ पर कोई बड़ा उपकार किया है।
अल्लाह ने इस आयत में उनकी इस सोच का खंडन किया और अपने नबी ﷺ को सिखाया कि आप उन्हें जवाब दें कि अपने इस्लाम का मुझ पर एहसान मत जताओ। यह एहसान मुझ पर नहीं, बल्कि खुद तुम्हारे ऊपर है। इस्लाम क़बूल करके तुमने अपना भला किया है, मेरा नहीं। इसका फ़ायदा तुम्हें ही मिलेगा — दुनिया में सच्ची हिदायत और आख़िरत में जन्नत।
असल में एहसान जताने का हक़ अल्लाह को है, क्योंकि उसी ने तुम्हें यह तौफ़ीक़ दी कि तुम ईमान लाए। अगर तुम सच्चे मुसलमान हो और सच्चे दिल से ईमान लाए हो, तो यह अल्लाह का एहसान है कि उसने तुम्हें हिदायत दी। यह तुम्हारा कोई बड़ा काम नहीं है जिस पर तुम नाज़ करो।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक़ देती है — कि किसी भी नेक काम को करके उसे दूसरों पर एहसान नहीं समझना चाहिए। जब हम इस्लाम पर चलते हैं, तो यह हमारा अल्लाह पर एहसान नहीं है, बल्कि अल्लाह का हम पर एहसान है कि उसने हमें सीधा रास्ता दिखाया। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह के शुक्रगुज़ार रहना चाहिए और अपनी नेकियों पर घमंड नहीं करना चाहिए।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि इस्लाम एक नेमत है, एक बड़ी दौलत है। जिसे अल्लाह ने यह नेमत दी है, उसे चाहिए कि वह इस पर अल्लाह का शुक्र अदा करे और दूसरों पर एहसान जताने की बजाय उन्हें भी इस नेमत की तरफ़ बुलाए। इस्लाम की सच्चाई यह है कि हम अल्लाह के सामने अपनी कमज़ोरी और उसकी मेहरबानी को पहचानें — और यही विनम्रता हमें अल्लाह के और करीब लाती है।
📜 आयत 15-18 — अल-हुजुरात
अनुवाद — अल-हुजुरात 17
सूरा अल-हुजुरात आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम पर ये लोग (इसलाम लाने का) एहसान…सूरा आयत 17/18 — अल-हुजुरात الحجرات (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हुजुरात सुनें, अल-हुजुरात अनुवाद, अल-हुजुरात mp3, अल-हुजुरात pdf. आयत 15–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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