अल-हुजुरात · 18/18
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हुजुरात
إِنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ غَيْبَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَاللَّهُ بَصِيرٌ بِمَا تَعْمَلُونَ ۝١٨
Innal laaha ya`lamu ghaibas samaawaati wal ard; wallaahu baseerum bimaa ta`maloon
📖 हिंदी अर्थ
बेशक ख़ुदा तो सारे आसमानों और ज़मीन की छिपी हुई बातों को जानता है और जो तुम करते हो ख़ुदा उसे देख रहा है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ग़ैब – छिपी हुई चीज़ें, वो बातें जो इंसान की नज़रों से छिपी हों।
  • बसीर – सब कुछ देखने वाला, हर चीज़ पर पूरी निगाह रखने वाला।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में अपने क़ुदरत और इल्म के कमाल को बयान करते हुए फ़रमाता है कि वह आसमानों और ज़मीन के हर छिपे हुए राज़ को जानता है। आसमानों में जो कुछ है, ज़मीन की गहराइयों में जो कुछ छिपा है, पहाड़ों की चोटियों पर, समुद्रों की तहों में, अंधेरी रातों में, सीने की गहराइयों में — हर चीज़ उसके इल्म में है। कोई ज़र्रा, कोई चीज़, कोई बात उससे छिपी नहीं है। वह जानता है कि कौन सा पत्ता कब गिरता है, कौन सा दाना ज़मीन में कब और कहाँ दबता है, कौन सी नज़र किस तरह उठती है और कौन सा दिल किस ख़्याल में डूबा हुआ है।

फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह तुम्हारे सारे आमाल (कर्मों) को देख रहा है — चाहे वो खुलेआम किए जाएँ या चोरी-छिपे, चाहे वो नेक हों या बुरे। अल्लाह की निगाह हर अमल पर है, और वह हर अमल का हिसाब रखता है। जो कोई नेकी करेगा, उसे उसका अच्छा बदला मिलेगा, और जो कोई बुराई करेगा, उसे उसका बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। अल्लाह की सज़ा और उसका इनाम दोनों अदल (न्याय) पर आधारित हैं।

यह आयत मोमिन के दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ और उसकी निगरानी का एहसास पैदा करती है। जब इंसान को यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हर वक़्त मुझे देख रहा है, मेरी हर हरकत, मेरी हर बात, मेरे दिल के हर इरादे से वाक़िफ़ है, तो वह गुनाहों से कतराता है और नेकी की तरफ़ रग़बत करता है। यही वो चीज़ है जो इंसान को अंदर से सुधारती है और उसे परहेज़गार बनाती है।

और यही वो प्यारा पहलू है कि अल्लाह तआला अपने बंदों को ये बता रहा है कि तुम अकेले नहीं हो, तुम्हारा रब तुम्हें देख रहा है, तुम्हारी हर कोशिश, तुम्हारी हर मेहनत, तुम्हारी हर नेकी उसकी नज़र में है। वह तुम्हारी मेहनत को बेकार नहीं जाने देगा। इसलिए नेकी पर जमे रहो, अल्लाह पर भरोसा रखो, और यक़ीन रखो कि तुम्हारा रब तुम्हारे हर अमल का हिसाब रखता है और तुम्हें तुम्हारे आमाल का पूरा-पूरा बदला देगा।



📜 आयत 16-18 — सूरा अल-हुजुरात

16قُلْ أَتُعَلِّمُونَ اللَّهَ بِدِينِكُمْ وَاللَّهُ يَعْلَمُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۚ وَاللَّهُ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ
(ऐ रसूल इनसे) पूछो तो कि क्या तुम ख़ुदा को अपनी दीदारी जताते हो और ख़ुदा तो जो कुछ आसमानों मे है और जो कुछ ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) जानता है और ख़ुदा हर चीज़ से ख़बरदार है
17يَمُنُّونَ عَلَيْكَ أَنْ أَسْلَمُوا ۖ قُل لَّا تَمُنُّوا عَلَيَّ إِسْلَامَكُم ۖ بَلِ اللَّهُ يَمُنُّ عَلَيْكُمْ أَنْ هَدَاكُمْ لِلْإِيمَانِ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
(ऐ रसूल) तुम पर ये लोग (इसलाम लाने का) एहसान जताते हैं तुम (साफ़) कह दो कि तुम अपने इसलाम का मुझ पर एहसान न जताओ (बल्कि) अगर तुम (दावाए ईमान में) सच्चे हो तो समझो कि, ख़ुदा ने तुम पर एहसान किया कि उसने तुमको ईमान का रास्ता दिखाया
18إِنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ غَيْبَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَاللَّهُ بَصِيرٌ بِمَا تَعْمَلُونَ
बेशक ख़ुदा तो सारे आसमानों और ज़मीन की छिपी हुई बातों को जानता है और जो तुम करते हो ख़ुदा उसे देख रहा है
अल-हुजुरातकुरान सूची
18आयत
मदनीअवतरण स्थान
18आयत

अनुवाद — अल-हुजुरात 18

सूरा अल-हुजुरात आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ख़ुदा तो सारे आसमानों और ज़मीन की छिपी हुई…

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Thursday, October 1, 2026

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