अल-क़मर · 2/55
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़मर
وَإِن يَرَوْا آيَةً يُعْرِضُوا وَيَقُولُوا سِحْرٌ مُّسْتَمِرٌّ ۝٢
Wa iny yaraw aayatany yu`ridoo wa yaqooloo sihrum mustamirr
📖 हिंदी अर्थ
और अगर ये कुफ्फ़ार कोई मौजिज़ा देखते हैं, तो मुँह फेर लेते हैं, और कहते हैं कि ये तो बड़ा ज़बरदस्त जादू है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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📜 आयत 1-4 — सूरा अल-क़मर

1اقْتَرَبَتِ السَّاعَةُ وَانشَقَّ الْقَمَرُ
क़यामत क़रीब आ गयी और चाँद दो टुकड़े हो गया
2وَإِن يَرَوْا آيَةً يُعْرِضُوا وَيَقُولُوا سِحْرٌ مُّسْتَمِرٌّ
और अगर ये कुफ्फ़ार कोई मौजिज़ा देखते हैं, तो मुँह फेर लेते हैं, और कहते हैं कि ये तो बड़ा ज़बरदस्त जादू है
3وَكَذَّبُوا وَاتَّبَعُوا أَهْوَاءَهُمْ ۚ وَكُلُّ أَمْرٍ مُّسْتَقِرٌّ
और उन लोगों ने झुठलाया और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिशों की पैरवी की, और हर काम का वक्त मुक़र्रर है
4وَلَقَدْ جَاءَهُم مِّنَ الْأَنبَاءِ مَا فِيهِ مُزْدَجَرٌ
और उनके पास तो वह हालात पहुँच चुके हैं जिनमें काफी तम्बीह थीं
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अल-क़मर 2

सूरा अल-क़मर आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर ये कुफ्फ़ार कोई मौजिज़ा देखते हैं, तो मुँह…

सूरा आयत 2/55 — सूरा अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़मर सुनें, सूरा अल-क़मर अनुवाद, सूरा अल-क़मर mp3, सूरा अल-क़मर pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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