अल-क़मर · 3/55
अनुवाद उच्चारण — अल-क़मर
وَكَذَّبُوا وَاتَّبَعُوا أَهْوَاءَهُمْ ۚ وَكُلُّ أَمْرٍ مُّسْتَقِرٌّ ۝٣
Wa kazzaboo wattaba`ooo ahwaaa`ahum; wa kullu amrim mustaqirr
📖 हिंदी अर्थ
और उन लोगों ने झुठलाया और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिशों की पैरवी की, और हर काम का वक्त मुक़र्रर है
🎧 सुनें

📜 आयत 1-5 — अल-क़मर

1اقْتَرَبَتِ السَّاعَةُ وَانشَقَّ الْقَمَرُ
क़यामत क़रीब आ गयी और चाँद दो टुकड़े हो गया
2وَإِن يَرَوْا آيَةً يُعْرِضُوا وَيَقُولُوا سِحْرٌ مُّسْتَمِرٌّ
और अगर ये कुफ्फ़ार कोई मौजिज़ा देखते हैं, तो मुँह फेर लेते हैं, और कहते हैं कि ये तो बड़ा ज़बरदस्त जादू है
3وَكَذَّبُوا وَاتَّبَعُوا أَهْوَاءَهُمْ ۚ وَكُلُّ أَمْرٍ مُّسْتَقِرٌّ
और उन लोगों ने झुठलाया और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिशों की पैरवी की, और हर काम का वक्त मुक़र्रर है
4وَلَقَدْ جَاءَهُم مِّنَ الْأَنبَاءِ مَا فِيهِ مُزْدَجَرٌ
और उनके पास तो वह हालात पहुँच चुके हैं जिनमें काफी तम्बीह थीं
5حِكْمَةٌ بَالِغَةٌ ۖ فَمَا تُغْنِ النُّذُرُ
और इन्तेहा दर्जे की दानाई मगर (उनको तो) डराना कुछ फ़ायदा नहीं देता
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीRevelation
3आयत

अनुवाद — अल-क़मर 3

सूरा अल-क़मर आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों ने झुठलाया और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिशों की…

सूरा आयत 3/55 — अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़मर सुनें, अल-क़मर अनुवाद, अल-क़मर mp3, अल-क़मर pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए