अल-मुजादिला · 16/22
अनुवाद उच्चारण — अल-मुजादिला
اتَّخَذُوا أَيْمَانَهُمْ جُنَّةً فَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ فَلَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ ۝١٦
Ittakhazooo aymaanahum junnatan fasaddoo `an sabeelil laahi falahum `azaabum muheen
📖 हिंदी अर्थ
उन लोगों ने अपनी क़समों को सिपर बना लिया है और (लोगों को) ख़ुदा की राह से रोक दिया तो उनके लिए रूसवा करने वाला अज़ाब है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अयमान (أَيْمَان): क़समें, सौगंधें।
  • जुन्ना (جُنَّة): ढाल, कवच, बचाव का साधन।
  • सद्दू (صَدُّوا): रोका, बाधा डाली।
  • सबीलिल्लाह (سَبِيلِ اللَّهِ): अल्लाह का रास्ता, यानी इस्लाम।
  • मुहीन (مُهِين): अपमानित करने वाला, ज़लील करने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) के हाल का वर्णन कर रही है, जिन्होंने अपनी झूठी क़समों को ढाल बना लिया था। वे जब भी मुसलमानों के सामने आते, तो कसमें खाते कि हम तुम्हारे साथ हैं, हम तुम्हारे दुश्मनों के ख़िलाफ़ हैं — लेकिन यह सब सिर्फ़ जान बचाने और अपने माल-दौलत को महफ़ूज़ रखने की चाल थी। उन्होंने इस्लाम का ज़ाहिरी इज़हार किया ताकि उनके ख़िलाफ़ तलवार न उठाई जाए, और उनके ख़ून और माल को पवित्र ठहराया जाए।

इन क़समों के ज़रिए उन्होंने दो काम किए: एक तो यह कि वे खुद अल्लाह के रास्ते से रुके रहे, और दूसरे यह कि दूसरे लोगों को भी इस्लाम की राह से रोकते रहे। वे मुसलमानों के ख़िलाफ़ साज़िशें करते, उनके जज़्बे को कमज़ोर करते, और उन्हें जिहाद और अच्छे कामों से बाज़ रखते थे। उनकी यह हरकतें सिर्फ़ धोखा नहीं थीं, बल्कि अल्लाह की राह में रुकावट डालने की कोशिश थीं।

अल्लाह तआला ने उनके लिए दो चीज़ों का ऐलान किया: एक यह कि उनकी यह चालें उन्हें अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकतीं, और दूसरे यह कि उनके लिए "अज़ाबुन मुहीन" है — यानी ऐसा अपमानजनक अज़ाब जो उन्हें रुसवा कर देगा और ज़लील कर देगा। यह अज़ाब उनके उस अहंकार और इनकार की सज़ा होगी, जो उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के साथ किया।

दावती पहलू (नसीहत):

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह के सामने कोई भी चाल, कोई भी बहाना, कोई भी झूठी क़सम काम नहीं आएगी। इंसान चाहे कितनी ही चतुराई से अपने कुकर्मों को छिपाए, अल्लाह तो हर दिल का राज़ जानता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान में सच्चे हों, अपने अमल में खरे हों, और कभी भी धोखे और मक्कारी का रास्ता न अपनाएँ। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका अज़ाब उन लोगों के लिए है जो उसकी राह से रोकते हैं। सच्चा मुसलमान वही है जो अपनी ज़ुबान और दिल को सच्चाई पर क़ायम रखे, और दूसरों को भी अल्लाह की राह की तरफ़ बुलाए, न कि उससे रोके।

🎧 सुनें

📜 आयत 14-18 — अल-मुजादिला

14۞ أَلَمْ تَرَ إِلَى الَّذِينَ تَوَلَّوْا قَوْمًا غَضِبَ اللَّهُ عَلَيْهِم مَّا هُم مِّنكُمْ وَلَا مِنْهُمْ وَيَحْلِفُونَ عَلَى الْكَذِبِ وَهُمْ يَعْلَمُونَ
क्या तुमने उन लोगों की हालत पर ग़ौर नहीं किया जो उन लोगों से दोस्ती करते हैं जिन पर ख़ुदा ने ग़ज़ब ढाया है तो अब वह न तुम मे हैं और न उनमें ये लोग जानबूझ कर झूठी बातो पर क़समें खाते हैं और वह जानते हैं
15أَعَدَّ اللَّهُ لَهُمْ عَذَابًا شَدِيدًا ۖ إِنَّهُمْ سَاءَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ
ख़ुदा ने उनके लिए सख्त अज़ाब तैयार कर रखा है इसमें शक़ नहीं कि ये लोग जो कुछ करते हैं बहुत ही बुरा है
16اتَّخَذُوا أَيْمَانَهُمْ جُنَّةً فَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ فَلَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ
उन लोगों ने अपनी क़समों को सिपर बना लिया है और (लोगों को) ख़ुदा की राह से रोक दिया तो उनके लिए रूसवा करने वाला अज़ाब है
17لَّن تُغْنِيَ عَنْهُمْ أَمْوَالُهُمْ وَلَا أَوْلَادُهُم مِّنَ اللَّهِ شَيْئًا ۚ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
ख़ुदा सामने हरगिज़ न उनके माल ही कुछ काम आएँगे और न उनकी औलाद ही काम आएगी यही लोग जहन्नुमी हैं कि हमेशा उसमें रहेंगे
18يَوْمَ يَبْعَثُهُمُ اللَّهُ جَمِيعًا فَيَحْلِفُونَ لَهُ كَمَا يَحْلِفُونَ لَكُمْ ۖ وَيَحْسَبُونَ أَنَّهُمْ عَلَىٰ شَيْءٍ ۚ أَلَا إِنَّهُمْ هُمُ الْكَاذِبُونَ
जिस दिन ख़ुदा उन सबको दोबार उठा खड़ा करेगा तो ये लोग जिस तरह तुम्हारे सामने क़समें खाते हैं उसी तरह उसके सामने भी क़समें खाएँगे और ख्याल करते हैं कि वह राहे सवाब पर हैं आगाह रहो ये लोग यक़ीनन झूठे हैं
अल-मुजादिलाकुरान सूची
22आयत
मदनीRevelation
16आयत

अनुवाद — अल-मुजादिला 16

सूरा अल-मुजादिला आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों ने अपनी क़समों को सिपर बना लिया है…

सूरा आयत 16/22 — अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुजादिला सुनें, अल-मुजादिला अनुवाद, अल-मुजादिला mp3, अल-मुजादिला pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए