अल-मुजादिला · 15/22
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुजादिला
أَعَدَّ اللَّهُ لَهُمْ عَذَابًا شَدِيدًا ۖ إِنَّهُمْ سَاءَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ ۝١٥
A`addal laahu lahum `azaaban shadeedan innahum saaa`a maa kaanoo ya`maloon
📖 हिंदी अर्थ
ख़ुदा ने उनके लिए सख्त अज़ाब तैयार कर रखा है इसमें शक़ नहीं कि ये लोग जो कुछ करते हैं बहुत ही बुरा है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَعَدَّ – तैयार किया
  • عَذَابًا شَدِيدًا – अत्यंत कठोर यातना
  • سَاءَ – बहुत बुरा है
  • مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ – वे जो कर्म करते थे

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इन मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) के लिए ऐसी यातना तैयार कर रखी है जो अत्यंत कठोर और दर्दनाक है। यह यातना आख़िरत में उन्हें मिलेगी, जहाँ उन्हें जहन्नम के सबसे निचले हिस्से (दरक-ए-अस्फ़ल) में डाला जाएगा।

यह सज़ा उनके उन कर्मों का परिणाम है जो उन्होंने दुनिया में किए — निफ़ाक़ (मुनाफ़िक़ी), झूठी क़समें खाना, और अल्लाह के दीन के खिलाफ़ साज़िशें करना। उनके ये कर्म कितने बुरे और घृणित थे! वे अपने मुँह से ईमान का दावा करते थे, लेकिन उनके दिल कुफ़्र और बुराई से भरे हुए थे।

यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि अल्लाह तआला हर उस काम को देख रहा है जो हम करते हैं। हमें चाहिए कि अपने अमल को सुधारें, सच्चाई और ईमानदारी को अपनाएँ, और किसी भी तरह के दिखावे और धोखे से बचें। अल्लाह की यातना से बचने का एक ही रास्ता है — सच्चा ईमान, सच्ची तौबा, और नेक अमल।

याद रखें, अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है। जो भी अपनी गलतियों से तौबा करके उसकी ओर लौटता है, अल्लाह उसे माफ कर देता है और उसकी गलतियों को नेकियों में बदल देता है। आइए हम सब अपने दिलों को साफ़ करें, अपने अमल को दुरुस्त करें, और अल्लाह की रहमत और जन्नत के हक़दार बनें।



📜 आयत 13-17 — सूरा अल-मुजादिला

13أَأَشْفَقْتُمْ أَن تُقَدِّمُوا بَيْنَ يَدَيْ نَجْوَاكُمْ صَدَقَاتٍ ۚ فَإِذْ لَمْ تَفْعَلُوا وَتَابَ اللَّهُ عَلَيْكُمْ فَأَقِيمُوا الصَّلَاةَ وَآتُوا الزَّكَاةَ وَأَطِيعُوا اللَّهَ وَرَسُولَهُ ۚ وَاللَّهُ خَبِيرٌ بِمَا تَعْمَلُونَ
(मुसलमानों) क्या तुम इस बात से डर गए कि (रसूल के) कान में बात कहने से पहले ख़ैरात कर लो तो जब तुम लोग (इतना सा काम) न कर सके और ख़ुदा ने तुम्हें माफ़ कर दिया तो पाबन्दी से नमाज़ पढ़ो और ज़कात देते रहो और ख़ुदा उसके रसूल की इताअत करो और जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उससे बाख़बर है
14۞ أَلَمْ تَرَ إِلَى الَّذِينَ تَوَلَّوْا قَوْمًا غَضِبَ اللَّهُ عَلَيْهِم مَّا هُم مِّنكُمْ وَلَا مِنْهُمْ وَيَحْلِفُونَ عَلَى الْكَذِبِ وَهُمْ يَعْلَمُونَ
क्या तुमने उन लोगों की हालत पर ग़ौर नहीं किया जो उन लोगों से दोस्ती करते हैं जिन पर ख़ुदा ने ग़ज़ब ढाया है तो अब वह न तुम मे हैं और न उनमें ये लोग जानबूझ कर झूठी बातो पर क़समें खाते हैं और वह जानते हैं
15أَعَدَّ اللَّهُ لَهُمْ عَذَابًا شَدِيدًا ۖ إِنَّهُمْ سَاءَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ
ख़ुदा ने उनके लिए सख्त अज़ाब तैयार कर रखा है इसमें शक़ नहीं कि ये लोग जो कुछ करते हैं बहुत ही बुरा है
16اتَّخَذُوا أَيْمَانَهُمْ جُنَّةً فَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ فَلَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ
उन लोगों ने अपनी क़समों को सिपर बना लिया है और (लोगों को) ख़ुदा की राह से रोक दिया तो उनके लिए रूसवा करने वाला अज़ाब है
17لَّن تُغْنِيَ عَنْهُمْ أَمْوَالُهُمْ وَلَا أَوْلَادُهُم مِّنَ اللَّهِ شَيْئًا ۚ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
ख़ुदा सामने हरगिज़ न उनके माल ही कुछ काम आएँगे और न उनकी औलाद ही काम आएगी यही लोग जहन्नुमी हैं कि हमेशा उसमें रहेंगे
अल-मुजादिलाकुरान सूची
22आयत
मदनीअवतरण स्थान
15आयत

अनुवाद — अल-मुजादिला 15

सूरा अल-मुजादिला आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा ने उनके लिए सख्त अज़ाब तैयार कर रखा है…

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Friday, October 2, 2026

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