Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ख़लाइफ़ (خَلَائِفَ): 'ख़लीफ़ा' का बहुवचन, यानी पिछले लोगों की जगह लेने वाले, उत्तराधिकारी।
- दरजात (دَرَجَاتٍ): ऊँचाइयाँ, स्तर, श्रेणियाँ।
- लियबलुवकुम (لِّيَبْلُوَكُمْ): ताकि वह तुम्हारी परीक्षा ले, तुम्हें आज़माए।
- सरीउल इक़ाब (سَرِيعُ الْعِقَابِ): जल्दी सज़ा देने वाला।
- ग़फ़ूर (غَفُورٌ): बहुत क्षमा करने वाला।
- रहीम (رَحِيمٌ): बहुत दयालु।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की महान शक्ति और उसके बंदों पर उसके अधिकार की याद दिलाती है। अल्लाह ही वह है जिसने तुम्हें धरती में पिछली उम्मतों का उत्तराधिकारी बनाया। जब पहले लोगों ने अल्लाह की नाफ़रमानी की और उनका विनाश हुआ, तो अल्लाह ने तुम्हें उनकी जगह दी, ताकि तुम उसकी इबादत करो और धरती को उसकी आज्ञा के अनुसार आबाद करो। यह अल्लाह की ओर से एक बड़ा सम्मान और ज़िम्मेदारी है।
फिर अल्लाह ने तुम्हें एक-दूसरे से ऊपर उठाया—किसी को शारीरिक शक्ति दी, किसी को धन-दौलत, किसी को ज्ञान, तो किसी को प्रतिष्ठा। यह अंतर कोई संयोग नहीं, बल्कि अल्लाह की योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह है कि अल्लाह तुम्हारी परीक्षा ले—क्या तुम उस दिए हुए धन, शक्ति और पद का सही उपयोग करते हो? क्या तुम कृतज्ञ बनते हो या कृतघ्न? क्या तुम नम्र रहते हो या घमंडी? क्या तुम दूसरों की मदद करते हो या उन्हें दबाते हो? यह परीक्षा इसलिए है ताकि सामने आ जाए कि कौन अल्लाह का आज्ञाकारी है और कौन उसकी अवज्ञा करने वाला।
हे पैगंबर! आप अपने रब की ओर से यह बात अच्छी तरह समझ लें—अल्लाह जल्दी सज़ा देने वाला है। जो उसकी नाफ़रमानी करता है और उसके साथ कुफ़्र करता है, उसके लिए अल्लाह की पकड़ बहुत करीब है। जो आने वाला है वह निकट ही है, और अल्लाह की सज़ा से कोई बच नहीं सकता। लेकिन साथ ही, अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला और अत्यंत दयालु भी है। जो कोई अपने गुनाहों से तौबा करे, अपने किए पर पछताए, ईमान लाए और अच्छे काम करे, तो अल्लाह उसे माफ कर देता है और उस पर रहमत की बारिश करता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी ज़िंदगी एक इम्तिहान है। हमें अपनी नेमतों का सही इस्तेमाल करना चाहिए, घमंड नहीं करना चाहिए, और हमेशा अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए। अल्लाह की सज़ा से डरें, लेकिन उसकी रहमत से निराश न हों। यही संतुलन एक मुसलमान की पहचान है। अल्लाह हमें सच्चा शुक्रगुज़ार बंदा बनाए और हमें उसकी रहमत का हक़दार बनाए। आमीन।
📜 आयत 163-165 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 165
सूरा अल-अनआम आयत 165 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने तुम्हें ज़मीन में…सूरा आयत 165/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 163–165. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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