अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُقِطَ فِي أَيْدِيهِمْ: अर्थात उन्हें अपनी गलती का पछतावा हुआ, वे शर्मिंदा और लज्जित हुए।
- ضَلُّوا: वे सत्य मार्ग से भटक गए।
- الْخَاسِرِينَ: वे लोग जिन्होंने अपना नुकसान कर लिया, दुनिया और आख़िरत दोनों में घाटे में रहे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम के पास लौटे और उन्होंने देखा कि उनकी क़ौम ने बछड़े की पूजा करके बहुत बड़ा गुनाह किया है, तो वे लोग जिन्होंने सजदा किया था, उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ। उनके दिल टूट गए, वे शर्मिंदा हुए और उन्हें यक़ीन हो गया कि वे सचमुच सीधे रास्ते से भटक गए हैं और अल्लाह की इबादत छोड़कर एक बेजान बछड़े की पूजा करके अपने आप को बहुत बड़े नुकसान में डाल दिया है।
इस पछतावे और नदामत की हालत में उन्होंने अल्लाह की तरफ रुजू किया और अपनी कमज़ोरी और गुनाह का इक़रार करते हुए कहा: "ऐ हमारे रब! अगर तूने हम पर रहम नहीं किया और हमें माफ़ नहीं किया, तो हम यक़ीनन उन लोगों में से होंगे जो बिल्कुल घाटे में रहे, जिनकी सारी मेहनत बेकार चली गई और जिन्होंने दुनिया और आख़िरत दोनों को खो दिया।"
यह एहसास और यह दुआ दिखाती है कि गुनाह के बाद सच्चा पछतावा और अल्लाह से माफ़ी मांगना कितना बड़ा गुण है। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, जब बंदा अपनी गलती पर शर्मिंदा होकर उसकी तरफ लौटता है, तो अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उसके गुनाहों को धो देता है। यह हमारे लिए सबक है कि हमसे भी अगर कोई गलती हो जाए, तो हमें निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि तौबा और इस्तिग़फ़ार के ज़रिए अल्लाह की रहमत का दामन थामना चाहिए। अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं बड़ी है, और वह तौबा करने वालों को बहुत प्यार करता है।
📜 आयत 147-151 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 149
सूरा अल-आराफ आयत 149 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आप अपने ऊपर ज़ुल्म करते थे और जब वह…सूरा आयत 149/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 147–151. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








