Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِيَعْلَمَ: ताकि वह जान ले
- أَبْلَغُوا: उन्होंने पहुँचा दिया
- رِسَالَاتِ: संदेश (पैग़ाम)
- أَحَاطَ: उसने घेर लिया (अर्थात उसका ज्ञान सब कुछ घेरे हुए है)
- أَحْصَى: उसने गिन लिया / पूरी तरह जान लिया
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत हमें अल्लाह तआला के असीम ज्ञान और उसकी पूर्ण निगरानी का अद्भुत दृश्य दिखाती है। अल्लाह ने अपने रसूलों की हिफ़ाज़त के लिए फ़रिश्तों को नियुक्त किया, जो उनकी रक्षा करते हैं और उन तक किसी भी शैतानी वसवसे को पहुँचने नहीं देते। यह इसलिए है ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि अल्लाह के रसूल अपने पैग़ाम को पूरी तरह और बिना किसी कमी के लोगों तक पहुँचा देते हैं।
अल्लाह तआला का ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है - जो कुछ भी उसके रसूलों के पास है, चाहे वह ज्ञान हो, रहस्य हो या आदेश, सब कुछ अल्लाह के इल्म में है। वह हर छोटी-बड़ी चीज़ को गिनता हुआ जानता है। उसके ज्ञान से कोई भी चीज़ छिपी नहीं है, न आकाशों में, न धरती में, न दिलों में, न विचारों में।
यह आयत हमें यह विश्वास दिलाती है कि अल्लाह ने अपने दीन की हिफ़ाज़त का ज़िम्मा खुद लिया है। जिस तरह उसने अपने रसूलों की हिफ़ाज़त की और उनका पैग़ाम सही-सलामत लोगों तक पहुँचाया, उसी तरह आज भी वह अपने कलाम (क़ुरआन) की हिफ़ाज़त कर रहा है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा दीन महफ़ूज़ है और हमारा रब हर चीज़ पर निगरान रखने वाला है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने जीवन में यह यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह हमारे हर अमल को देख रहा है और हर चीज़ का हिसाब उसके पास है। यह हमें नेकी की तरफ़ राग़िब करता है और गुनाह से डराता है। जब हमें पता है कि अल्लाह ने हर चीज़ को गिन रखा है, तो हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ और उसकी रहमत के साये में जीवन गुज़ारें।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। जिस तरह उसने अपने रसूलों की हिफ़ाज़त के लिए फ़रिश्तों को तैनात किया, उसी तरह वह अपने वली (प्यारे) बंदों की भी मदद करता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी राह में चलते रहें, क्योंकि वही सबसे अच्छा हिफ़ाज़त करने वाला है।
📜 आयत 26-28 — सूरा अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 28
सूरा अल-जिन्न आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि देख ले कि उन्होंने अपने परवरदिगार के पैग़ामात पहुँचा…सूरा आयत 28/28 — सूरा अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जिन्न सुनें, सूरा अल-जिन्न अनुवाद, सूरा अल-जिन्न mp3, सूरा अल-जिन्न pdf. आयत 26–28. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जिन्न
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


