अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لِرَبِّكَ: अपने पालनहार के लिए
- فَاصْبِرْ: धैर्य रखें, सब्र करें
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ को निर्देश दे रहे हैं कि हे नबी! आप अपने रब के लिए धैर्य रखें। यह आदेश उस समय दिया गया जब नबी ﷺ को काफिरों की ओर से तरह-तरह की यातनाएँ और कष्ट पहुँचाए जा रहे थे। अल्लाह उन्हें सिखा रहे हैं कि यह सब कष्ट सहन करें, क्योंकि यह सब आपके रब के लिए है।
इस आयत में धैर्य को केवल सामान्य धैर्य नहीं कहा गया, बल्कि "अपने रब के लिए" धैर्य रखने की बात कही गई है। इसका अर्थ यह है कि धैर्य का उद्देश्य केवल अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) प्राप्त करना होना चाहिए, न कि लोगों की प्रशंसा पाना या किसी सांसारिक लाभ के लिए।
यह धैर्य तीन प्रकार का है:
- अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करने में धैर्य
- निषिद्ध कार्यों से बचने में धैर्य
- अल्लाह के फैसलों और क़िस्मत पर धैर्य
जब नबी ﷺ को कष्ट पहुँचाया जाता था, तो वे धैर्य रखते थे और अल्लाह से सहायता माँगते थे। यही धैर्य उनकी सफलता का कारण बना। अल्लाह ने उन्हें विजय प्रदान की और इस्लाम को पूरी दुनिया में फैलाया।
शिक्षा और संदेश:
यह आयत हर मुसलमान के लिए एक महान शिक्षा है। जीवन में कठिनाइयाँ और परेशानियाँ आएँगी, लेकिन हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। जब हम किसी कठिनाई का सामना करें, तो याद रखें कि यह सब अल्लाह के लिए है और अल्लाह हमें इसका बदला ज़रूर देगा।
धैर्य वह कुंजी है जो हर मुश्किल का दरवाज़ा खोलती है। जो व्यक्ति धैर्य रखता है, अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता। क़ुरआन में अल्लाह कहता है: "निश्चय ही अल्लाह धैर्य रखने वालों के साथ है" (अल-बक़रा: 153)।
आइए हम अपने जीवन में इस शिक्षा को अपनाएँ - चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, हम अपने रब के लिए धैर्य रखें, क्योंकि धैर्य का फल बहुत मीठा होता है और अल्लाह की प्रसन्नता ही सबसे बड़ी सफलता है।
📜 आयत 5-9 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 7
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने परवरदिगार के लिए सब्र करोसूरा आयत 7/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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