अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नुक़िरा (نُقِرَ): फूँका जाए, बजाया जाए।
- नाक़ूर (النَّاقُور): सूर (तुरही/नरसिंगा), जिसमें इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारते हैं।
तफ़सीर:
जब सूर (तुरही) में दूसरी बार फूँक मारी जाएगी—जो क़ियामत के दिन उठ खड़े होने (हश्र) की फूँक होगी—तो वह समय काफ़िरों के लिए बहुत सख़्त और भयानक होगा। यह वह पल होगा जब सारे लोग अपनी क़ब्रों से उठ खड़े होंगे और हिसाब के लिए पेश होंगे। यह दिन उन लोगों के लिए आसान नहीं होगा जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना और आख़िरत को झुठलाया। वे अपने किए पर पछताएँगे, लेकिन पछतावा उस वक़्त किसी काम न आएगा।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया की ज़िंदगी आख़िरी नहीं है, बल्कि एक दिन ज़रूर आएगा जब अल्लाह का फ़रिश्ता सूर में फूँक मारेगा और सब लोग हिसाब के लिए खड़े होंगे। जो लोग आज अल्लाह की इबादत से ग़ाफ़िल हैं और अपनी ख्वाहिशों के पीछे भाग रहे हैं, उनके लिए वह दिन बहुत कठिन होगा। लेकिन जो लोग आज अल्लाह के हुक्मों पर चलते हैं, नेकी करते हैं और गुनाहों से बचते हैं, उनके लिए वह दिन राहत और ख़ुशी का दिन होगा।
तो आओ, हम सब इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें। नमाज़ की पाबंदी करें, सच बोलें, लोगों के हक़ों का ख़याल रखें और गुनाहों से दूर रहें। याद रखें, यह दुनिया की ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा रहने वाली है। अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें उस दिन की मुश्किलों से बचाए और हमें जन्नत की राह दिखाए। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 8
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब सूर फूँका जाएगासूरा आयत 8/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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