Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْتَجِيبُوا – स्वीकार करो, आज्ञा मानो, पुकार पर लब्बैक कहो।
- لِمَا يُحْيِيكُمْ – उस चीज़ के लिए जो तुम्हें (सच्ची) ज़िंदगी देती है, यानी ईमान, इल्म और दीन।
- يَحُولُ بَيْنَ الْمَرْءِ وَقَلْبِهِ – इंसान और उसके दिल के बीच आड़ बन जाता है, यानी वह दिल को बदलने और उस पर पूरा नियंत्रण रखने की शक्ति रखता है।
- تُحْشَرُونَ – एकत्र किए जाओगे, जमा किए जाओगे।
तफसीर:
ऐ ईमान लाने वालों! अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पुकार पर तुरंत लब्बैक कहो, जब वह तुम्हें उस चीज़ की ओर बुलाएं जो तुम्हें सच्ची ज़िंदगी देती है। यह ज़िंदगी सिर्फ़ खाने-पीने और दुनिया की चंद रातों की ज़िंदगी नहीं है, बल्कि यह ईमान, इल्म, अमल और दीन की वह रूह है जो इंसान के दिल को ज़िंदा करती है, उसके अंदर अल्लाह की मोहब्बत, सच्चाई की तलब और अच्छाई की तरफ रग़बत पैदा करती है। जो इंसान अल्लाह और उसके रसूल की बुलाहट पर अमल करता है, उसकी ज़िंदगी में बरकत आती है, उसका दिल सुकून पाता है, और उसे दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई नसीब होती है।
और जान लो कि अल्लाह तआला इंसान और उसके दिल के बीच हस्तक्षेप करने की पूरी शक्ति रखता है। वही दिलों को बदलने वाला है, वही किसी के दिल को हिदायत की तरफ मोड़ सकता है और वही किसी को गुमराही में छोड़ सकता है। जब अल्लाह के पास यह सब कुछ है, तो उसकी बुलाहट को ठुकराना कैसी नादानी है? वही तो है जो तुम्हारे दिलों के राज़ जानता है, तुम्हारी नीयतों को पढ़ता है, और तुम्हारे इरादों को बदलने पर क़ादिर है। इसलिए उसकी तरफ दौड़ो, उसकी आज्ञा को अपने दिल की बात मानो, क्योंकि असली मालिक वही है।
और यह भी यक़ीन रखो कि तुम सबको एक दिन उसी की तरफ लौटकर जाना है। क़यामत के दिन तुम सब उसके सामने हाज़िर किए जाओगे, और तुम्हारे अच्छे और बुरे हर अमल का हिसाब लिया जाएगा। जिसने दुनिया में अल्लाह की बुलाहट पर कान रखा, उसका अंजाम जन्नत होगा, और जिसने उसकी पुकार को अनसुना कर दिया, उसका ठिकाना जहन्नम होगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी कामयाबी उसी में है कि हम अल्लाह और उसके रसूल की बात को अपनी ज़िंदगी का नुस्खा बनाएं। जब हम उनकी बुलाहट पर चलेंगे, तो हमारे दिल ज़िंदा होंगे, हमारे हालात बेहतर होंगे और हमारी आख़िरत संवर जाएगी। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की बेहतरी और आख़िरत की नजात दोनों तक पहुंचाता है।
📜 आयत 22-26 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 24
सूरा अल-अनफाल आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानदार जब तुम को हमारा रसूल (मोहम्मद) ऐसे काम…सूरा आयत 24/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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