Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ذَاتِ الشَّوْكَةِ: शक्तिशाली और युद्ध-कौशल रखने वाली टुकड़ी। यहाँ इसका अर्थ काफ़िरों का क़ाफ़िला (अबू सुफ़यान का क़ाफ़िला) नहीं, बल्कि उनका युद्ध-दस्ता (नफ़ीर) है।
- يُحِقَّ الْحَقَّ: सत्य को स्थापित करना और उसे प्रकट करना।
- يَقْطَعَ دَابِرَ: जड़ से उखाड़ देना, पूरी तरह समाप्त कर देना।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! उस समय को याद करो जब अल्लाह ने तुमसे वादा किया था कि दो टोलियों में से एक टोली तुम्हें मिलेगी। ये दो टोलियाँ थीं: एक अबू सुफ़यान का व्यापारिक क़ाफ़िला जो सुरक्षित था और जिसमें युद्ध का कोई ख़तरा नहीं था, और दूसरी अबू जहल का युद्ध-दस्ता जो शक्तिशाली और हथियारों से लैस था। तुम लोग चाहते थे कि जिस टोली में कोई शक्ति और युद्ध-कौशल नहीं है (यानी व्यापारिक क़ाफ़िला) वह तुम्हें मिल जाए, क्योंकि उसे पाना आसान था और उसमें कोई ख़तरा नहीं था। लेकिन अल्लाह ने अपनी ग़ैबी किताब (लौह-ए-महफ़ूज़) में लिखा हुआ था कि उसे अपने सत्य को स्थापित करना है और इस्लाम को शक्ति प्रदान करनी है। इसलिए अल्लाह चाहता था कि तुम युद्ध-दस्ते का सामना करो, ताकि उसके कलाम (वचन) के अनुसार सत्य प्रकट हो और काफ़िरों की जड़ें उखाड़ दी जाएँ। अल्लाह ने तुम्हारी इच्छा के विपरीत तुम्हें युद्ध के लिए तैयार किया, क्योंकि उसे पता था कि इसी में तुम्हारी भलाई और इस्लाम की सर्वोच्चता है। यह वादा बद्र के युद्ध में पूरा हुआ, जहाँ अल्लाह ने मुसलमानों को काफ़िरों पर विजय प्रदान की और उनके नेताओं को नष्ट कर दिया।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की योजना इंसान की योजना से बेहतर होती है। मुसलमानों ने आसान लक्ष्य (क़ाफ़िला) चाहा, लेकिन अल्लाह ने उनके लिए कठिन लेकिन अधिक लाभकारी रास्ता (युद्ध) चुना। इससे सीख मिलती है कि हमें अल्लाह के फ़ैसले पर भरोसा रखना चाहिए, भले ही वह हमारी इच्छा के ख़िलाफ़ हो।
- अल्लाह अपने वादे को पूरा करता है। जब उसने मुसलमानों से वादा किया, तो उसे पूरा किया। यह ईमान वालों के लिए तसल्ली का सबब है कि अल्लाह का वादा सच्चा है।
- सत्य की स्थापना के लिए कभी-कभी कठिनाइयों और संघर्ष का सामना करना पड़ता है। आसान रास्ता हमेशा बेहतर नहीं होता; कभी-कभी अल्लाह हमें परीक्षा में डालता है ताकि हमारा ईमान मज़बूत हो और सत्य की जीत हो।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि दुनियावी फ़ायदे (जैसे माल-दौलत) की बजाय अल्लाह की रज़ा और दीन की सर्वोच्चता को प्राथमिकता देनी चाहिए। जब अल्लाह किसी काम का हुक्म देता है, तो उसे अपनी समझ से नहीं, बल्कि अल्लाह की मर्ज़ी से करना चाहिए।
📜 आयत 5-9 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 7
सूरा अल-अनफाल आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसे (अपनी ऑंखों से) देख रहे हैं और (ये…सूरा आयत 7/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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