अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَأَيْنَ تَذْهَبُونَ: तो कहाँ जा रहे हो? अर्थात् किस राह पर चल रहे हो?
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने बन्दों से एक ऐसा प्रश्न पूछ रहा है जो उनकी अक़्ल को झकझोर देने वाला है। जब पहले की आयात में क़ुरआन की सच्चाई, उसकी अज़मत और उसके अल्लाह की ओर से होने के प्रमाण पेश किए जा चुके हैं, तो अब फ़रमाया जा रहा है: "तो फिर तुम कहाँ जा रहे हो?" यानी इतने स्पष्ट प्रमाणों और ठोस दलीलों के बाद भी तुम किस रास्ते पर भटक रहे हो? तुम्हारी अक़्लें कहाँ ले जा रही हैं? क्या तुम्हें कोई और रास्ता मिल गया है जो इस सीधे रास्ते से बेहतर हो?
यह प्रश्न उन लोगों के लिए है जो क़ुरआन को झुठलाते हैं और उससे मुँह मोड़ते हैं। अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि जब सत्य इतना उजागर हो चुका है, तो तुम किस ओर भाग रहे हो? कौन-सा मार्ग तुम्हें इस किताब से दूर ले जा रहा है? क्या कोई और मार्ग ऐसा है जो तुम्हें सच्चाई तक पहुँचा सके? हरगिज़ नहीं!
यह आयत हम सबके लिए एक बड़ी नसीहत है। क़ुरआन अल्लाह की ओर से आया हुआ मार्गदर्शन है, जो हर युग और हर ज़माने के लिए रौशनी है। जो व्यक्ति इससे दूर जाता है, वह दरअसल अपने ही नुक़सान की तरफ भागता है। अल्लाह तआला ने यह किताब इंसानों की हिदायत के लिए उतारी है, ताकि वे अंधेरों से निकलकर रौशनी की ओर आएँ। यह एक ऐसा खज़ाना है जिसे पाकर इंसान कभी गुमराह नहीं हो सकता।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम क़ुरआन को अपनी ज़िन्दगी का नक्शा बनाएँ, उसकी तालीमात पर अमल करें और उससे जुड़े रहें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह तआला हम सबको क़ुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसके सच्चे बन्दे बनने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 24-28 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 26
सूरा अत-तकवीर आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर तुम कहाँ जाते होसूरा आयत 26/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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