अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ذِكْرٌ: नसीहत, सीख, याद दिलाने वाली चीज़।
- لِّلْعَالَمِينَ: सारे संसार वालों के लिए, यानी जिन्न और इंसान सभी के लिए।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि पूरी कायनात के लिए एक नसीहत और याद दहानी है। यह सिर्फ़ किसी एक क़ौम या ज़माने के लिए नहीं, बल्कि जिन्न और इंसान, सभी इंसानों और सभी युगों के लिए रहनुमाई का ज़रिया है। यह किताब उन लोगों के लिए रहमत और हिदायत है जो इसे खुले दिल से क़बूल करें और इस पर अमल करें।
यह आयत उन लोगों को जवाब दे रही है जो क़ुरआन को जादू या इंसानी कलाम कहते थे। अल्लाह फ़रमाता है कि यह तो सिर्फ़ एक नसीहत है — बिल्कुल साफ़, सच्ची और दिल को छू लेने वाली। इसमें कोई पेचीदगी नहीं, कोई धोखा नहीं। यह हर उस शख्स के लिए रौशनी है जो सीधी राह पर चलना चाहता है, चाहे वो किसी भी ज़माने, किसी भी मुल्क या किसी भी नस्ल से ताल्लुक़ रखता हो।
इस आयत में एक बड़ी खुशखबरी है — अल्लाह ने यह किताब सबके लिए भेजी है, ताकि कोई भी इंसान इसे पढ़कर हिदायत हासिल कर सके। यह किताब किसी ख़ास तबके के लिए नहीं, बल्कि हर उस दिल के लिए है जो सच्चाई की तलाश में है। जो कोई इसे अपनाएगा, यह उसे दुनिया और आख़िरत की भलाई का रास्ता दिखाएगी। और जो इसे ठुकराएगा, वह अपना ही नुक़सान करेगा।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन हमारे लिए अल्लाह की तरफ से एक तोहफ़ा है। इसे पढ़ना, समझना और उस पर अमल करना हमारी कामयाबी की कुंजी है। आइए, हम इस नसीहत को दिल से अपनाएँ और इसे अपनी ज़िंदगी का नुस्ख़ा बनाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ ले जाता है और अल्लाह की रहमत का हक़दार बनाता है।
📜 आयत 25-29 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 27
सूरा अत-तकवीर आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये सारे जहॉन के लोगों के लिए बस नसीहत हैसूरा आयत 27/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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