अल-मुतफ्फिफीन · 9/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
كِتَابٌ مَّرْقُومٌ ۝٩
Kitaabum marqoom
📖 हिंदी अर्थ
एक लिखा हुआ दफ़तर है जिसमें शयातीन के (आमाल दर्ज हैं)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • किताब: लिखित दस्तावेज़, रिकॉर्ड।
  • मरक़ूम: लिखा हुआ, अंकित किया हुआ, जिस पर निशान लगा दिया गया हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि पापियों और गुनाहगारों का अंजाम और उनका ठिकाना यक़ीनन सख्त तंगी और अज़ाब में है। फिर उस अज़ाब की हैसियत समझाने के लिए कहा गया कि वह एक ऐसा लिखित दस्तावेज़ है जो मरक़ूम यानी अंकित और मुहरबंद है। यानी उनके सारे आमाल (कर्म) और हरकतें एक किताब में दर्ज हैं, जिसमें न कोई कमी की जा सकती है और न ज़्यादती। यह किताब ऐसी है जो कभी मिटेगी नहीं, न भूली जाएगी, बल्कि हर एक अमल उसमें लिखा हुआ है और क़यामत के दिन उन्हें उसी के मुताबिक़ बदला दिया जाएगा।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की निगाह में हर छोटा-बड़ा अमल दर्ज है। कोई भी काम, चाहे वह कितना ही पोशीदा (छिपा हुआ) क्यों न हो, उस किताब में लिखा जा रहा है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में सावधानी से काम लें। जो लोग बुराइयों में मशगूल हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि उनका हर क़दम दर्ज हो रहा है और एक दिन उन्हें इसका सामना करना होगा।

इस आयत में इंसान के लिए एक प्यारा पैग़ाम भी है कि जो लोग नेकी करते हैं, उनके नेक आमाल भी लिखे जा रहे हैं। अल्लाह तआला इंसाफ़ करने वाला है, वह किसी की मेहनत को ज़ाया नहीं करेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में गुज़ारें, नेकियाँ करें और गुनाहों से बचें। यह किताब हमें याद दिलाती है कि हमारी ज़िंदगी का हर लम्हा कीमती है, और हमें उसे अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में बिताना चाहिए ताकि क़यामत के दिन हमारा नामा-ए-आमाल (कर्मों की पुस्तक) हमारे लिए खुशी और कामयाबी का सबब बने।



📜 आयत 7-11 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

7كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٍ
सुन रखो कि बदकारों के नाम ए अमाल सिज्जीन में हैं
8وَمَا أَدْرَاكَ مَا سِجِّينٌ
तुमको क्या मालूम सिज्जीन क्या चीज़ है
9كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
एक लिखा हुआ दफ़तर है जिसमें शयातीन के (आमाल दर्ज हैं)
10وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
11الَّذِينَ يُكَذِّبُونَ بِيَوْمِ الدِّينِ
जो लोग रोजे ज़ज़ा को झुठलाते हैं
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 9

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Monday, September 28, 2026

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