अल-मुतफ्फिफीन · 8/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
وَمَا أَدْرَاكَ مَا سِجِّينٌ ۝٨
Wa maa adraaka maa Sijjeen
📖 हिंदी अर्थ
तुमको क्या मालूम सिज्जीन क्या चीज़ है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • सिज्जीन: यह 'सिज्न' (कैद) से लिया गया है, जिसका अर्थ है सख्त कैद या तंग जगह। यहाँ इसका मतलब दुष्टों और पापियों का ठिकाना और उनका दर्दनाक अंजाम है।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में दुष्टों और पापियों के अंजाम को बयान करते हुए फरमाता है कि उनका ठिकाना और मुकाम 'सिज्जीन' में है, जो एक सख्त और तंग जगह है। फिर अल्लाह तआला इसकी अहमियत और भयावहता को बयान करने के लिए पूछता है: "और तुम्हें क्या पता कि सिज्जीन क्या है?" यानी ऐ नबी! तुम्हें इस चीज़ की पूरी हकीकत का इल्म नहीं, क्योंकि यह चीज़ तुम्हारे इल्म और तुम्हारी क़ौम के इल्म से बाहर है। यह एक ऐसा दर्दनाक अज़ाब और सख्त कैद है जिसकी कोई मिसाल नहीं। यह वह जगह है जहाँ दुष्टों का हिसाब-किताब और उनका ठिकाना तय किया गया है, और यह लिखा हुआ मुक़द्दर है जिसमें कोई कमी या ज़्यादती नहीं हो सकती।

यह पूछने का अंदाज़ इसलिए है ताकि लोग इसके ख़ौफ़ और अज़मत को समझें। अल्लाह तआला इस तरह के सवाल से बंदों को सचेत करता है कि वे अपने अंजाम के बारे में सोचें और अपने कर्मों को सुधारें। यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त तनबीह (चेतावनी) है जो दूसरों को धोखा देते हैं, नाप-तौल में कमी करते हैं, और हक़ को दबाते हैं। उनके लिए ऐसा अंजाम है जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला का इल्म हर चीज़ पर हावी है, और वह हर एक के कर्मों का हिसाब रखता है। जो लोग दुनिया में ज़ुल्म और धोखे से कमाते हैं, वे समझते हैं कि उनका कोई हिसाब नहीं होगा, लेकिन अल्लाह ने उनके लिए ऐसी जगह तैयार की है जिसकी हकीकत कोई नहीं जानता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने कर्मों में ईमानदारी और सच्चाई अपनाएँ, क्योंकि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान को उसके कर्मों का बदला मिलेगा। तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ और उसके अज़ाब से बचने की कोशिश करें, क्योंकि अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ रुजू करते हैं और अपने गुनाहों से तौबा करते हैं।



📜 आयत 6-10 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

6يَوْمَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
जिस दिन तमाम लोग सारे जहाँन के परवरदिगार के सामने खड़े होंगे
7كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٍ
सुन रखो कि बदकारों के नाम ए अमाल सिज्जीन में हैं
8وَمَا أَدْرَاكَ مَا سِجِّينٌ
तुमको क्या मालूम सिज्जीन क्या चीज़ है
9كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
एक लिखा हुआ दफ़तर है जिसमें शयातीन के (आमाल दर्ज हैं)
10وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
8आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 8

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुमको क्या मालूम सिज्जीन क्या चीज़ है

सूरा आयत 8/36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुतफ्फिफीन सुनें, सूरा अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, सूरा अल-मुतफ्फिफीन mp3, सूरा अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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