सूरा अल-मुतफ्फिफीन अरबी और हिंदी
सूरा अल-मुतफ्फिफीन को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (36 आयत — مكية). अल-मुतफ्फिफीन सुनें, अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, अल-मुतफ्फिफीन mp3, अल-मुतफ्फिफीन pdf.सूरा अल-मुतफ्फिफीन पढ़ें और सुनें
🎧 आयत
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Mishary Rashid Alafasy
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Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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Maher Al Muaiqly
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—
x1
الَّذِينَ إِذَا اكْتَالُوا عَلَى النَّاسِ يَسْتَوْفُونَ ٢
📖 अनुवाद
आयत 2
जो औरें से नाप कर लें तो पूरा पूरा लें
وَإِذَا كَالُوهُمْ أَو وَّزَنُوهُمْ يُخْسِرُونَ ٣
📖 अनुवाद
आयत 3
और जब उनकी नाप या तौल कर दें तो कम कर दें
أَلَا يَظُنُّ أُولَٰئِكَ أَنَّهُم مَّبْعُوثُونَ ٤
📖 अनुवाद
आयत 4
क्या ये लोग इतना भी ख्याल नहीं करते
يَوْمَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ ٦
📖 अनुवाद
आयत 6
जिस दिन तमाम लोग सारे जहाँन के परवरदिगार के सामने खड़े होंगे
كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٍ ٧
📖 अनुवाद
आयत 7
सुन रखो कि बदकारों के नाम ए अमाल सिज्जीन में हैं
وَمَا يُكَذِّبُ بِهِ إِلَّا كُلُّ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ ١٢
📖 अनुवाद
आयत 12
हालॉकि उसको हद से निकल जाने वाले गुनाहगार के सिवा कोई नहीं झुठलाता
إِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِ آيَاتُنَا قَالَ أَسَاطِيرُ الْأَوَّلِينَ ١٣
📖 अनुवाद
आयत 13
जब उसके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं तो कहता है कि ये तो अगलों के अफसाने हैं
كَلَّا ۖ بَلْ ۜ رَانَ عَلَىٰ قُلُوبِهِم مَّا كَانُوا يَكْسِبُونَ ١٤
📖 अनुवाद
आयत 14
नहीं नहीं बात ये है कि ये लोग जो आमाल (बद) करते हैं उनका उनके दिलों पर जंग बैठ गया है
كَلَّا إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَ ١٥
📖 अनुवाद
आयत 15
बेशक ये लोग उस दिन अपने परवरदिगार (की रहमत से) रोक दिए जाएँगे
ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ ١٧
📖 अनुवाद
आयत 17
फिर उनसे कहा जाएगा कि ये वही चीज़ तो है जिसे तुम झुठलाया करते थे
كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْأَبْرَارِ لَفِي عِلِّيِّينَ ١٨
📖 अनुवाद
आयत 18
ये भी सुन रखो कि नेको के नाम ए अमाल इल्लीयीन में होंगे
وَمَا أَدْرَاكَ مَا عِلِّيُّونَ ١٩
📖 अनुवाद
आयत 19
और तुमको क्या मालूम कि इल्लीयीन क्या है वह एक लिखा हुआ दफ़तर है
تَعْرِفُ فِي وُجُوهِهِمْ نَضْرَةَ النَّعِيمِ ٢٤
📖 अनुवाद
आयत 24
तुम उनके चेहरों ही से राहत की ताज़गी मालूम कर लोगे
خِتَامُهُ مِسْكٌ ۚ وَفِي ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ الْمُتَنَافِسُونَ ٢٦
📖 अनुवाद
आयत 26
जिसकी मोहर मिश्क की होगी और उसकी तरफ अलबत्ता शायक़ीन को रग़बत करनी चाहिए
إِنَّ الَّذِينَ أَجْرَمُوا كَانُوا مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا يَضْحَكُونَ ٢٩
📖 अनुवाद
आयत 29
बेशक जो गुनाहगार मोमिनों से हँसी किया करते थे
وَإِذَا مَرُّوا بِهِمْ يَتَغَامَزُونَ ٣٠
📖 अनुवाद
आयत 30
और जब उनके पास से गुज़रते तो उन पर चशमक करते थे
وَإِذَا انقَلَبُوا إِلَىٰ أَهْلِهِمُ انقَلَبُوا فَكِهِينَ ٣١
📖 अनुवाद
आयत 31
और जब अपने लड़के वालों की तरफ़ लौट कर आते थे तो इतराते हुए
وَإِذَا رَأَوْهُمْ قَالُوا إِنَّ هَٰؤُلَاءِ لَضَالُّونَ ٣٢
📖 अनुवाद
आयत 32
और जब उन मोमिनीन को देखते तो कह बैठते थे कि ये तो यक़ीनी गुमराह हैं
وَمَا أُرْسِلُوا عَلَيْهِمْ حَافِظِينَ ٣٣
📖 अनुवाद
आयत 33
हालॉकि ये लोग उन पर कुछ निगराँ बना के तो भेजे नहीं गए थे
فَالْيَوْمَ الَّذِينَ آمَنُوا مِنَ الْكُفَّارِ يَضْحَكُونَ ٣٤
📖 अनुवाद
आयत 34
तो आज (क़यामत में) ईमानदार लोग काफ़िरों से हँसी करेंगे
هَلْ ثُوِّبَ الْكُفَّارُ مَا كَانُوا يَفْعَلُونَ ٣٦
📖 अनुवाद
आयत 36
कि अब तो काफ़िरों को उनके किए का पूरा पूरा बदला मिल गया
पढ़ें सूरा अल-मुतफ्फिफीन हिंदी अनुवाद – अरबी पाठ और ऑडियो
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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