अल-मुतफ्फिफीन · 10/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ ۝١٠
Wailuny yawma`izil lil mukazzibeen
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَيْلٌ — विनाश, हानि, या कठोर यातना।
  • يَوْمَئِذٍ — उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)।
  • لِلْمُكَذِّبِينَ — झुठलाने वालों के लिए (जो सत्य को नकारते हैं)।

तफ़सीर:

उस दिन (क़ियामत के दिन) उन झुठलाने वालों के लिए विनाश और कठोर यातना है, जो सत्य को नकारते हैं और उस पर ईमान नहीं लाते। यह चेतावनी उन लोगों के लिए है जो अल्लाह के दीन, उसके रसूल (ﷺ) और उसके वादों को झूठ कहते हैं। वे दिन का हिसाब-किताब, पुनरुत्थान और जज़ा-सज़ा को नहीं मानते, और जब उन्हें क़ुरआन की आयतें सुनाई जाती हैं, तो कहते हैं कि ये पहले लोगों की कहानियाँ हैं। हालाँकि, यह सच्चाई नहीं है, बल्कि यह अल्लाह का कलाम है, जो उसने अपने नबी (ﷺ) पर उतारा है। उनके दिलों पर उनके पापों और गुनाहों की वजह से जंग लग गई है, इसलिए वे सत्य को समझने और स्वीकार करने से वंचित हैं।

यह विनाश उनके लिए है, क्योंकि वे उस दिन को झुठलाते हैं जब सभी को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। उस दिन वे अपने रब की रौनक़ और दीदार से महरूम रहेंगे, जबकि मोमिनीन अपने रब को देखेंगे — यह उनके लिए सबसे बड़ी सज़ा है। फिर वे जहन्नम की आग में डाले जाएँगे, जहाँ उन्हें अपने किए की सज़ा भुगतनी होगी, और उनसे कहा जाएगा: "यह वही चीज़ है जिसे तुम झूठ कहते थे।"

दावती पहलू:

यह आयत हर उस इंसान के लिए एक सख्त चेतावनी है जो अल्लाह के दीन को हल्का समझता है या उसके वादों पर शक करता है। लेकिन साथ ही, यह मोमिनीन के लिए खुशखबरी भी है कि वे उस दिन अपने रब के दीदार से नवाज़े जाएँगे, जो सबसे बड़ी नेमत है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, क़ुरआन और सुन्नत पर अमल करें, और उस दिन की तैयारी करें जब कोई किसी के काम न आएगा। अल्लाह से डरें और उसकी रहमत की उम्मीद रखें — क्योंकि उसकी रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी आयतों पर ईमान लाते हैं और उन पर अमल करते हैं।



📜 आयत 8-12 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

8وَمَا أَدْرَاكَ مَا سِجِّينٌ
तुमको क्या मालूम सिज्जीन क्या चीज़ है
9كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
एक लिखा हुआ दफ़तर है जिसमें शयातीन के (आमाल दर्ज हैं)
10وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
11الَّذِينَ يُكَذِّبُونَ بِيَوْمِ الدِّينِ
जो लोग रोजे ज़ज़ा को झुठलाते हैं
12وَمَا يُكَذِّبُ بِهِ إِلَّا كُلُّ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ
हालॉकि उसको हद से निकल जाने वाले गुनाहगार के सिवा कोई नहीं झुठलाता
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
10आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 10

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है

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Thursday, October 1, 2026

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